कोरोना के कारण गहराया जबड़ों पर संकट 

 
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मेरठ। रामनगर निवासी नितिन गुप्ता अप्रैल में दूसरी बार कोरोना संक्रमित हो गए। मेडिकल में इलाज हुआ। स्वस्थ हुए करीब ढाई महीने हो चुके हैं लेकिन अब कुछ दिनों से जबड़े हिल रहे हैं। दांत में गैप और दर्द भी महसूस होने लगा है। इलाज से कुछ आराम है। 
 जैदी फार्म निवासी सुल्ताना 43 साल की हैं। अप्रैल के पहले सप्ताह में उन्हें कोरोना संक्रमण हो गया था। अस्पताल में 11 दिन तक इलाज चला। पिछले कुछ दिनों से उनके जबड़े में पीछे वाले दो दांत हिलते हुए महसूस हो रहे हैं। वह प्राइवेट दंत चिकित्सक से इलाज करा रही हैैं। 
अमरदीप कोरोना से उबरने के बाद भी संक्रमितों की समस्या कम होने का नाम नहीं ले रही है। हार्ट अटैक, लीवर में संक्रमण के बाद अब दांतों के बीच गैप व जबड़े हिलने जैसी बात सामने आ रही है। सरकारी और निजी दंत चिकित्सक इसकी वजह समझने की कोशिश में हैं। जबड़ों पर संकट का कारण कोरोना ही है, वह ऐसा स्पष्ट रूप से कह पाने की स्थिति में नहीं दिखते। 


दंत चिकित्सकों के पास आने लगे हैैं ऐसे मामले 
कोरोना संक्रमितों का इलाज अस्पतालों में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की गाइड लाइन के अनुसार किया गया। इलाज से कई सौभाग्यशाली लोगों की जिंदगी भी सलामत बची। फिर भी ऐसे लोग कम नहीं हैैं जिनकी रिपोर्ट निगेटिव आई है और वह सेहत संबंधी विभिन्न समस्याओं से परेशान हैैं। अभी तक फेफड़े में दिक्कत और हार्ट अटैक तक ही बात थी अब शरीर के अन्य अंग भी धीरे-धीरे प्रभावित होने के मामले डाक्टरों के सामने आ रहे हैैं और पहेली बने हैैं। चिकित्सकों ने मई माह में म्यूकरमाइकोसिस (ब्लैक फंगस) की आशंका जताई थी। कुछ संक्रमितों की आंखें लाल होने और नाक के पिछले हिस्से में फंगस की जांच रिपोर्ट आई तो उसका इलाज भी हुआ, लेकिन जबड़े में दिक्कत नई समस्या है। 


दवाओं से इम्यूनिटी कमजोर होने से समस्या 
नाक-कान- गले के  डा.आशीष जैन कहते हैं कि कोरोना के इलाज में कई-कई दिन तक स्टेरायड दिया गया। इससे इम्युनिटी कमजोर हुई। संभव है कि दांत और जबड़े में भी इसी वजह से दिक्कत आ रही हो। दंत चिकित्सक डा. रोहित अग्रवाल के अनुसार अभी दांत हिलने के एक दो केस ही आए हैं। इसलिए सीधे तौर पर यह नहीं कहा जा सकता कि कोरोना संक्रमण के चलते ही ऐसा हुआ।

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