भाषा बोली देश की पहचान, हमें हिंदी का महत्व समझना चाहिए : आयुक्त 

 
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मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग में हिंदी दिवस की पूर्व संध्या पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कायक्रम हिंदी विभाग एवं बैंक ऑफ बडौदा, मेरठ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंम्भ विभागाध्यक्ष प्रो॰ नवीन चन्द्र लोहनी ने माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एंव दीप प्रज्जवलित कर किया। इस अवसर पर विभाग केे विद्यार्थियों की निबंध प्रतियोगिता एवं आशु भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। विभाग के विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह से प्रतिभागिता की। आशु भाषण प्रतियोगिता के निष्पक्ष निर्णय हेतु निर्णायक मण्ड़ल में डॉ॰ मनोज श्रीवास्तव, डॉ॰ आसिफ अली, डॉ॰ विवेक सिंह उपस्थित रहें। आज के कार्यक्रम के दूसरे चरण में विभागाध्यक्ष के द्वारा मंचासीन अतिथियों का स्वागत पुष्पगुच्छ शॉल व स्मृति चिन्ह भेंट कर किया गया। अतिथियों में अध्यक्ष के रूप में विवि के कुलपति प्रो॰ एनके तनेजा, आयुक्त मेरठ सुरेन्द्र सिंह,वरिष्ठ कवि डॉ॰ ईश्वर चन्द गंभीर के अलावा क्षेत्रीय प्रबंधक,बैंक आफ बडौदा हरीश कुमार अरोड़ा रहे। बैंक आफॅ बडौदा की मेधावी सम्मान योजना के अन्तर्गत एम॰ए॰ हिंदी वर्ष 2019-20 में विश्वद्यिालय स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त 
कर्ता कु॰ रेखा को रू॰ 11000 का पारितोषिक तथा द्वितीय स्थान प्राप्तकर्ता मोनी बंसल को रू॰ 7500 का पारितोषिक प्रदान किया गया। आयुक्त सुरेन्द सिंह ने पुरस्कार प्राप्त छात्राओं को बधाई दी। उन्होंने कहा कि भाषा बोली देश की पहचान है, माता-पिता चाहते हैं कि बच्चे अंग्रेजी में बात करें। अंग्रेजी से भावों की अभिव्यक्ति नहीं होती। असफलता अंग्रेजी बनाम भारतीय भाषा है। लोगो को हिंदी मीडियम बताने में शर्म आती है। अंग्रेजी का ज्ञान होना अंग्रेजी फिल्म देखना गीत सुनना स्टेटस सिम्बल बनता जा रहा है। कई जगह हिंदी बोलने पर जुर्माना होता है एक भी स्कूल ऐसा नहीं जहाँ हिंदी न बोलने पर जुर्माना हो। उन्होंने तकनीकी में हिंदी के समावेश होने का उदाहरण दिया। हिंदी से बेहद प्यार करें। अंग्रेजी अथवा अन्य भाषाओं को भी सीखें हिंदी हमारी माँ है और अंग्रेजी हमारी आवश्यकता है। उन्होंने अपने सिविल सेवा का उदाहरण दिया कि मैंने लिखित परीक्षा अंग्रेजी भाषा में दी और साक्षात्कार हिंदी में दिया क्योंकि मातृ भाषा में जो अभिव्यक्ति भावों की होती है वह किसी अन्य भाषा में नही होती। गर्व से कहो जिस भाषा में मैने जन्म लिया उस पर हमें गर्व है। हमारे व्यक्तित्व का प्रकटीकरण हमारी मातृभाषा में ही हो सकता है। सभी से अनुरोध किया कि अपनी हिंदी भाषा का महत्व समझें। हम ऐसी भाषा का प्रयोग करें, जो सभी का विकास करें। हमने भाषा का प्रेम अधिक कर लिया, आज हिंदी को आगे ले जाए हिंदी को ज्ञान विज्ञान की भाषा बनायें। यह बात कागजी कहने से नहीं बकि प्रयोगात्मक रूप में लाये। उन्होंने विश्वविद्यालय के आचार्यों व कुलपति जी से निवेदन किया कि हिंदी को ज्ञान विज्ञान की भाषा बनायें व सभी विषयों को हिंदी में प्ररम्भ करें। यदि विश्वविद्यालय में इस प्रकार का कार्यक्रम शुरू होगा तभी हिंदी दिवस की सार्थकता सिद्ध होगी। आज विज्ञापन की दुनिया में हिंदी छा रही है, आज विदेशी फिल्में हिंदी में डब हो रही है। 
हिंदी दिवस के इस अवसर पर डॉ॰ क्रिस्टीन लुईस (प्राचार्या, सेंट जोजफ डिग्री कॉलेज, मेरठ), अरूण कुमार पाण्डे़य (उप क्षेत्रीय प्रबंधक, बैंक आफॅ बडौदा), सुश्री शमा सैनी (राजभाषा अधिकारी), डॉ॰ ईश्वर चन्द गंभीर (वरिष्ठ कवि) ने सभी छात्र-छात्राओं को सम्बोधित करते हुए हिंदी दिवस की शुभकामनाएँ दी। कार्यक्रम संयोजक प्रो॰ नवीन चन्द्र लोहनी ने समस्त छात्र-छात्राओं एवं अतिथियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ॰ आरती राणा ने किया। इस अवसर पर विभाग के समस्त शिक्षक डॉ॰ अंजु, डॉ॰ प्रवीन कटारिया, डॉ॰ यज्ञेश कुमार, डॉ॰ विद्यासागर सिंह एवं विभाग के समस्त कर्मचारी और विभाग के विद्यार्थियों में आकाश, निकुंज, प्रियंका, आयुषी, विशाल, शौर्य, अलतशा बॉबी उपस्थित रहें।

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