जहरीली गैस के चेम्बर में तब्दील मेरठ और एनसीआर, घुट रही लोगों की सांसें

 
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मेरठ। लगातार बढ़ रहा प्रदूषण का स्तर अभी भी रूकने का नाम नहीं ले रहा है। एनजीटी के तमाम प्रतिबंध के बावजूद मेरठ सहित एनसीआर के सभी जिलों में हालात काफी भयावह हैं। मेरठ, गाजियाबाद, नोएडा, हापुड, बागपत जैसे जिले इस समय जहरीली गैस चेम्बर में तब्दील हो चुके हैं।
मेरठ। मेरठ का वायु सूचकांक इस समय 300 से ऊपर है। यहीं हालत एनसीआर के अन्य जिलों की भी है। राजधानी दिल्ली में तो हालात और खराब हो चुके हैं। दिल्ली का एक्यूआई इस समय 355 के पार है। लाख कोशिशों के बावजूद भी वायु गुणवत्ता सुधरने का नाम नहीं ले रही है। पूरा एनसीआर स्मॉग की चादर से ढका हुआ है। लोगों को जहां सांस लेने में परेशानी हो रही है वहीं दूसरी ओर सांस और दमा के मरीजों का भी इस प्रदूषण के चलते बुरा हाल है।
मेरठ का एक्यूआई इस समय 305 है वहीं दिल्ली और गाजियाबाद के हालात भी बहुत खराब हैं। वायु गुणवत्ता की 'बेहद खराब' श्रेणी में हैं दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स 355 के आसपास है। वहीं शुक्रवार को भी एनसीआर के कई जिलों का एयर क्वालिटी इंडेक्स 300 के पार रहा। मौसम विभाग के अनुसार अगर हवा की रफ्तार में तेजी आती है तो प्रदूषण का स्तर घट सकता है। लेकिन अभी ऐसे आसार दिख नहीं रहे हैं। मेरठ में तो प्रदूषण का स्तर कम करने के लिए गाडियों से सड़क पर पानी का छिड़काव किया जा रहा है।
दिल्ली एनसीआर में कई स्थानों तो एक्यूआई 390 तक दर्ज किया गया है। जो कि बेहद खराब श्रेणी में आता है। पश्चिमी उप्र भी वायु प्रदूषण से अछूता नहीं है। यहां एक्यूआई का स्तर 300 तक दर्ज किया जा चुका है। एनसीआर की तरह ही अन्य दूसरे राज्यों का भी हाल बुरा है। हरियाणा में भी लोग जहरीली हवा में जीने को मजबूर है। हिसार, अंबाला और बहादुरगढ़ में एक्यूआई घातक स्तर पर है।

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