मेरठः हस्तिनापुर का भूगोल पढ़ेंगे बीए के छात्र,बोर्ड आफ स्टडीज की बैठक में 30 फीसदी सिलेबस में बदलाव 

 
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मेरठ। पांडव और कौरव की गाथा से जुड़ी देश की गौरवशाली इतिहास की साक्षी हस्तिनापुर सेंक्चुअरी के भूगोल से अब चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के छात्र रूबरू होंगे। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की बोर्ड आफ स्टडीज की बैठक में हस्तिनापुर सेंक्चुअरी का भूगोल बीए के यूपी पाठयक्रम में शामिल किया गया है। हस्तिनापुर वाइल्ड लाइफ सेंक्चुअरी बनने के 33 साल बाद इसे सीसीएसयू के सिलेबस में शामिल करने पर मोहर लगी है। 
बोर्ड ऑफ स्ट्डीज की बैठक में प्रदेश सरकार द्वारा बनाए गए भूगोल के सिलेबस में कुछ ही बदलाव किए गए। जिसमें 70 फीसदी सिलेबस सभी विवि में एक समान रखा गया है। जबकि 30 फीसदी में बदलाव किया गया है। विवि की कन्वीनर डॉ0 अनीता मलिक ने बताया कि भौगोलिक दृष्टि से सीसीएसयू के परिक्षेत्र में हस्तिनापुर सेंक्चुअरी अहम है। ऐसे में इसे केस स्ट्डी के रूप में रखा गया है।
सिलेबस में हस्तिनापुर सेंक्चुअरी के क्षेत्रफल से लेकर यहां की भौगोलिक स्थिति को रखा गया है। यहां रहने वाले जीव-जंतुओं और बाहर से आने वाले विदेशी पक्षियों के बारे में भी पढ़ने को मिलेगा। गंगा के कारण यहां का भौगोलिक क्षेत्र दूसरी सेंक्चुअरी से किस तरह से भिन्न है, इस पर भी छात्र-छात्राएं अध्ययन कर सकेंगे।
इसके अलावा सेमेस्टर के कई पेपरों में बदलाव करने को लेकर समिति अपने विचार विषय विशेषज्ञों को भेज रही है। डॉ0 अनीता मलिक ने बताया कि बीए के अलावा बीकॉम और बीएससी के छात्र-छात्राएं भी तीसरे विषय के रूप में भूगोल को ले सकेंगे। हस्तिनापुर सेंक्चुअरी आज भी सरकारी उपेक्षा का शिकार बनी हुई है। अभी तक प्रदेश सरकार सेंक्चुअरी का क्षेत्र तय नहीं कर पाई है, ऐसे में सीसीएसयू के सिलेबस में सेंक्चुअरी को जगह मिलने से कम से कम यहां के छात्र-छात्राओं को इसके बारे में जानने का मौका जरूर मिलेगा।

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