मेरठः भाकियू कार्यकर्ताओं के घर बिजली विभाग की छापेमारी, किसानों ने बुलाई आपातकालीन बैठक 

 
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मेरठ। कृषि बिल के विरोध में गाजीपुर बार्डर पर भाकियू धरने को समर्थन दे रहे किसान नेताओं पर सरकार अब दूसरे तरीके से दबाव बनाने में जुटी हुई है। भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं के घर पर बिजली विभाग ने छापेमारी की। परतापुर थाना क्षेत्र के बिजली बंबा बाईपास स्थित जैनपुर गांव और कंचनपुर घोपला गांव में बिजली विभाग ने छापा मारा। बिजली विभाग ने कंकरखेड़ा, परतापुर, ब्रह्मपुरी, टीपी नगर आदि थानों की पुलिस फोर्स के साथ कंचनपुर घोपला और जैनपुर गांव में पहुंची और छापामार कार्रवाई शुरू की। टीम ने भाकियू के उन कार्यकर्ताओं के यहां छापे मारे जो कृषि कानून के खिलाफ धरना दे रहे हैं। जो किसान बॉर्डर पर सरकार के खिलाफ लगातार आवाज उठा रहे हैं, टीम ने उन लोगों के घरों पर छापा मारा। छापे की जानकारी लगते ही गांव के लोगों में हलचल मच गई। घोपला व कंचनपुर दोनों ही गांव भारतीय किसान यूनियन के समर्थित लोगों के हैं। यहां के किसान और ग्रामीण लगातार भारतीय किसान यूनियन के बड़े नेताओं के साथ मिलकर प्रदेश और केंद्र सरकार के खिलाफ आंदोलन में शामिल हैं।
कंचनपुर घोपला गांव प्रमुख किसान नेता विजयपाल घोपाल ने कहा सरकार किसानों के साथ न्याय करना नहीं चाहती। किसान आंदोलन वापस ले लें ये सब उसका प्रयास है। लेकिन हम खामोश नहीं रहेंगे। अपनी बात कहेंगे और आंदोलन जारी रखेंगे। किसान नेता नितिन बालियान ने कहा विजिलेंस टीम ने खासतौर से उन घरों पर छापे लगाए हैं, जिन घरों के किसान धरने में शामिल हैं, आज जिन घरों के किसान धरने पर हैं उनके यहां टीमें पहुंची और छापे मारे हैं। देश में किसी को अपनी बात कहने का भी हक नहीं रहा। किसानों की आवाज़ दबाने के लिए ये साजिश रची जा रही है। भाकियू कार्यकर्ताओं ने तुरंत आपातकालीन बैठक बुलाई है।

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