मेरठः नकली पीवीसी पाइप की छापेमारी में लाखों का माल जब्त, दिल्ली से की जा रही थी नकली पीवीसी पाइप की सप्लाई

 
मेरठ। बाजार में ब्रांडेड पीवीसी पाइप के नाम पर नकली पाइप की भरमार है। एनसीआर में प्रिंस पाइप्स के नाम से नकली पाइप बनाकर सप्लाई की जा रही थी। मेरठ,​गाजियाबाद, मोदीनगर, दिल्ली में इन नकली पाइपों की सप्लाई पर प्रिंस पाइप्स एंड फिटिंग्स लिमिटेड के मालिकों ने और दिल्ली पुलिस ने बाजार में छापेमारी की कमान संभाली और लाखों का माल इन जगहों से जब्त कराया। कंपनी ने दिल्ली के दो खुदरा व्यापारियों के खिलाफ मोहन गार्डन पुलिस स्टेशन में एक शिकायत दर्ज कराई है। ये खुदरा व्यापारी प्रिंस पाइप्स के नाम पर नकली माल एनसीआर में बेच रहे थे। पुलिस टीम ने ट्रेडमार्क अधिनियम के तहत प्रवर्तन कार्रवाई के लिए पुलिस को लिखा है। आईओ ने ट्रेडमार्क अधिनियम की धारा 103/104 के तहत जब्ती आदेश शुरू किया है। वहीं छापेमारी में नकली पाइप के 229 टुकड़े भी जब्त किए गए।
प्रिन्स पाइप्स एंड फिटिंग्स के वीपी स्ट्रैटेजी निहारछेड़ा ने बताया, “हम अवैध रूप से नकली गतिविधियों को अंजाम देने वाले सभी पक्षों के खिलाफ जांच और तत्काल कार्रवाई करेंगे। उन्होंने बताया कि पिछले 3 दशकों में कंपनी ने उच्च गुणवत्ता और विश्वसनीयता हासिल की है। जो कि लोग खराब कर रहे हैं। 
विदेश स्थित मुख्यालय को लगी पहले जानकारी :—
हैरानी की बात मेरठ और एनसीआर में कंपनी के नाम से नकली पीवीसी पाइप सप्लाई हो रहे थे और इसकी जानकारी सबसे पहले विदेश स्थित कंपनी मुख्यालय को हुई। कंपनी का मुख्यालय अमेरिका में है। 
नकली पीवीसी पाइप भवन निर्माण में हानिकारक :— 
निहारछेड़ा ने बताया कि भवन निर्माण में नकली पीवीसी पाइप एक बार लग गया तो पूरे भवन की आयु को घुन की तरह खा जाता है। नकली पीवीसी पाइप के रिसने या लीक होने से भवन की नींव तक असर पड़ता है। लेकिन इसका पता कई वर्षों के बाद चलता है जबकि भवन जर्जर हो जाता है और इमारत गिरने के लिए तैयार हो चुकी होती है। 
मेरठ में पहले भी पकड़ा जा चुका है नकली खेल का सामान :— 
मेरठ में इससे पहले भी कई बार नामी कंपनियों का खेल का नकली सामान पकड़ा जा चुका है। जिसमें बाहर से आकर टीम ने छाप मारा और फिर दूसरे राज्यों में ही रिपोर्ट भी दर्ज हुई। मजे की बात नकली समान यहां पर धडल्ले से बिकता है लेकिन इसकी जानकारी न तो स्थानीय पुलिस केा होती है और न लोगों। लेकिन जब छापेमारी होती है तब स्थानीय पुलिस जागती है।

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