मेरठः मरीजों की सेहत से खिलवाड़ कर रहे अवैध ट्रामा सेंटर और अस्पताल  

 
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मेरठ। अवैध रूप से चल रहे ट्रामा सेंटर मरीजों की सेहत से खिलवाड़ करने के साथ ही जेब भी खाली करने में कसर नहीं छोड़ रहे हैं। अस्पतालों में तमाम सुविधाओं का दावा कर मरीजों को भर्ती कराने का झांसा देकर उगाही शुरू हैं। जांच में सीटी-एमआरआइ के नाम पर मोटा शुल्क वसूल रहे हैं। बिना लाइसेंस चल रहे अस्पतालों की निगरानी के लिए स्वास्थ्य विभाग के पास कोई तंत्र नहीं है। हापुड रोड,गढ रोड पर चल रहे अवैध अस्पताल दूसरे केंद्रों पर मरीज को भेजकर सीटी-स्कैन व एक्सरे कराते हैं। मगर इसके लिए उन्होंने एंबुलेंस से भेजने का चार्ज, बिना कोरोना जांच सीटी स्कैन व एक्सरे कराने का चार्ज भी वसूल रहे हैं।  
हापुड रोड पर करीब एक दर्जन अस्पताल हैं। वहीं यहीं हाल गढ रोड का भी है। हापुड अडडे से लेकर पूरी गढ रोड पर करीब 50 अस्पताल स्थित हैं। जो बिना मानकों के चल रहे हैं। इन अस्पतालों ने भी मरीज को दूसरी जगह भेजकर सीटी स्कैन, एमआरआइ करवाने का जिम्मा लिया हुआ है। इसके लिए अतिरिक्त चार्ज वसूला जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने भी जांच में पाया है कि सिर्फ एक दो अस्पतालों में ही सीटी स्कैन व एक्सरे की सुविधा थी। एमआरआइ तो किसी भी अस्पताल में नहीं था। मरीजों ने भी जांच टीम को बताया है कि उन्हें दूसरी जगह भेजकर सीटी स्कैन, एमआरआइ समेत अन्य जांच कराने के लिए अधिक रुपये की वसूली की जा रही थी।  
सीटी स्कैन, एक्सरे की सुविधा एक दो जगह ही थी। एमआरआइ किसी भी अस्पताल में नहीं थी। मरीज को भर्ती करने के बाद यह अस्पताल उन्हें दूसरी जगहों पर भेजते थे। कोरोना की वजह से इस बीच अभियान नहीं चल पाया था। इस बारे में जब सीएमओ अखिलेश मोहन से बात की गई तो उनका कहना था कि अभी तक अभियान नहीं चल पाया था। अब इसकी शुरूआत की जाएगी। शिकायतें मिल रही हैं।  
एबुंलेंस के नाम से होता है खेल :—  
मरीज को अस्पताल संचालक भर्ती तो कर लेते हैं। लेकिन जब एमआरआई और सीटी स्कैन कराने की बारी आती है तो यहीं से खेल शुरू होता है। एक एक्सरे जो कि 500 रुपये में होता है  एबुलेंस चालक मरीज से इसका तीन गुना अपने वाहन का ही वसूल लेता है। मरीज गंभीर है तो यह चार्ज छह गुना भी हो सकता है।

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