मेरठः बढा तापमान तो बिजली कटौती से मचा हाहाकार

 
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मेरठ। जून के महीने में दूसरे सप्ताह में थोड़ा तापमान बढते ही बिजली ने अपने रंग दिखाने शुरू कर दिए हैं। हालात यह है कि महानगर में अंधाधुंध बिजली कटौती से लोग परेशान हो गए है। रात हो दिन बिजली कब चली जाए इसका कोई पता नहीं है। यह हाल तो उस जिले का है जिसके प्रभारी मंत्री खुद ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा हैं। शास्त्रीनगर के डी ब्लाक में पिछले 12 घंटे से बिजली गायब है। यह कालोनी महानगर के सबसे पॉश कालोनी में शुमार है। इसके बावजूद इस कालोनी का ये हाल है तो सोचिए जिले के अन्य इलाकों में बिजली की क्या व्यवस्था होगी। महानगर से लेकर देहात तक कटौती अंधाधुंध जारी है। बिजली का फाल्ट पता करने के लिए लोग बिजली घर और पीवीवीएनएल के अधिकारियों को फोन करते हैं लेकिन न तो कोई फोन उठाता है और न कोई बिजली घर में मौजूद रहता है। पीवीवीएनल के उपभोक्ता शिकायत नंबर पर भी कई-कई बार फोन करने पर कोई रिस्पांस लोगों को नहीं मिलता। 
मेरठ में बैठते हैं पीवीवीएनएल के एमडी :— 
मेरठ में पीवीवीएनएल यानी पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड का कार्यालय है। जहां आईएएस स्तर के अधिकार एमडी हैं। उसके बावजूद भी बिजली विभाग के अधिकारियों की ये लापरवाही समझ से परे हैं। महानगर में कई-कई घंटे बिजली की अघोषित कटौती होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालात यह है कि बिजली की कटौती 5-6 घंटे तक मामूली बात है। ऐसे में घरों में लगे इनवर्टर भी जवाब दे रहे हैं। 
बिजली कटौती कभी भी करवा स​कती है बवाल :— 
बिजली की ये अघोषित कटौती मेरठ जैसे संवेदनशील महानगर में कभी भी बवाल करा सकती है। बिजली की इस कटौती से लोगों में आक्रोश फैल रहा है। मेरठ में भाजपा के तीन सांसद और 7 विधायक होने के बावजूद भी कटौती का ये हाल है। इससे भी लोगों में गुस्सा पनप रहा है। शास्त्रीनगर, जागृतविहार, मंगलपांडे नगर, गंगानगर आदि पॉश कालोनियों में  बिजली की जबरदस्त कटौती हो रही है।

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