मेरठः जेल में कम पड़ी जगह, पैरोल पर रिहा होंगे 350 कैदी और बंदी

 
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मेरठ। जिले में लगातार बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के दौरान जिला कारागार के अधिकारियों को मेरठ की स्थाई और अस्थाई जेल में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में शासन के निर्देश पर जेल से 350 कैदी और बंदियों को दो महीने के लिए पैरोल पर रिहा किया जा रहा है। जेल के अधिकारियों का दावा है कि इससे फिलहाल जेल में सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन कराने में कुछ मदद मिल सकेगी।

अब्दुल्लापुर जिला कारागार के जेल सुपरीटेंडेंट बीडी पांडे ने बताया कि शासन के निर्देश पर जिला कारागार में विभिन्न मामलों में निरुद्ध 350 कैदियों और बंदियों को दो महीने के पैरोल पर रिहा किया जा रहा है। इनमें 230 विचाराधीन बंदी जिला कारागार में हैं। जबकि 50 बंदी जिले की अस्थाई जेल में हैं। इसी के साथ 70 ऐसे कैदियों को भी चिन्हित किया गया है, जिनकी उम्र 65 वर्ष से अधिक है या वह सात साल से कम के सजायाफ्ता मुजरिम हैं। जेल सुपरीटेंडेंट के मुताबिक शासन को भेजी गई सूची में ऐसी महिला बंदियों को भी शामिल किया गया है जो गर्भवती हैं या उनके साथ जेल में उनका छह साल से कम उम्र का बच्चा भी रह रहा है। जेल सुपरीटेंडेंट के मुताबिक विचाराधीन बंदियों की सूची कोर्ट को भेजी गई है। जबकि सजायाफ्ता मुजरिमों की लिस्ट शासन को भेजी गई है। उन्होंने बताया कि आदेश मिलते ही 350 बंदियों और कैदियों को दो महीने के पैरोल पर रिहा किया जाएगा। जिससे जेल में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने में मदद मिल सके। जेल सुपरिटेंडेंट ने दावा किया कि जेल में लगातार सैनिटाइजेशन और टेस्टिंग की प्रक्रिया चल रही है। खास बात यह कि जेल में अब तक एक भी कोविड पेशेंट नहीं मिला है।

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