मेरठः मेडिकल में अव्यवस्थाओं को लेकर भड़के चिकित्सा शिक्षा मंत्री, सुधार के निर्देश

 

मेरठ। जिले में बढ़ते कोरोना के प्रकोप के चलते शुक्रवार को प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्ना लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज में कोविड उपचार के लिए की जा रही तैयारियों का निरीक्षण करने के लिए पहुंचे। इस दौरान चिकित्सा शिक्षा मंत्री ने मेडिकल में अव्यवस्थाओं को लेकर नाराजगी जाहिर की। इसी के साथ स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए कोविड को लेकर पहले की तरह ही चुस्त-दुरुस्त व्यवस्था बनाए जाने के निर्देश दिए।
बताते चलें जिले में कोरोना के मरीजों का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। जिसके चलते प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्ना शुक्रवार को मेडिकल कॉलेज में निरीक्षण के लिए पहुंचे थे। चिकित्सा शिक्षा मंत्री ने सबसे पहले मेडिकल कॉलेज में वैक्सीनेशन के लिए बनाए गए सभी पांच बूथों का निरीक्षण किया। उन्होंने बूथ पर आने वाले हर व्यक्ति का वैक्सीनेशन किए जाने और सभी की जानकारी तत्काल पोर्टल पर अपलोड किए जाने के निर्देश दिए। इस दौरान मेडिकल कॉलेज में अनावश्यक भीड़ को देखकर भी चिकित्सा शिक्षा मंत्री ने मेडिकल कॉलेज के अधिकारियों से नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कॉलेज परिसर को सुरक्षित बनाए जाने के निर्देश देते हुए कोरोना वायरस से लड़ने में किसी भी प्रकार की कोताही न बरतने के निर्देश दिए। इस दौरान जिलाधिकारी के बालाजी और स्वास्थ्य विभाग के अपर निदेशक डॉ राजकुमार चौधरी सहित मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ ज्ञानेंद्र कुमार भी मौजूद रहे। इसके बाद चिकित्सा शिक्षा मंत्री ने प्राचार्य कक्ष में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। जिसमें उन्होंने मेडिकल कॉलेज के कोविड वार्ड में बेड और वेंटीलेटर आदि की व्यवस्था के बारे में चर्चा की। चिकित्सा शिक्षा मंत्री ने कोरोना के शुरुआती दौर में मेडिकल कॉलेज प्रबंधन द्वारा की गई व्यवस्थाओं को दोबारा से लागू किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोरोना से लड़ने के लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को पहले की तरह ही मुस्तैदी के साथ काम लेना होगा। कोविड वार्ड में बेड और वेंटिलेटर की संख्या बढ़ाए जाने के निर्देश देते हुए चिकित्सा शिक्षा मंत्री ने जल्द से जल्द इस पर अमल किए जाने के निर्देश दिए। मंत्री के दौरे के दौरान प्राचार्य कक्ष के बाहर एक महिला ने अपने उपचार में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया। जिसके चलते प्राचार्य कक्ष के बाहर खड़े स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए। आनन-फानन में महिला को वहां से हटाया गया। उधर, मेडिकल कॉलेज में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की बैठक लेने के बाद चिकित्सा शिक्षा मंत्री ने सीएमओ कार्यालय का भी निरीक्षण किया। जहां उन्होंने वैक्सीनेशन और कोविड से निपटने की तैयारियों को लेकर अधिकारियों के साथ चर्चा की।

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