एक तरफ अधिकारी कर रहे अंधाधुंध बिजली कटौती तो दूसरी तरफ समीक्षा कर मंत्री, दे रहे 24 घंटे बिजली आपूर्ति के निर्देश 

 
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मेरठ। एक तरफ ​पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड से जुड़े जिलों में अंधाधुंध बिजली कटौती जारी है तो दूसरी ओर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा अधिकारियों को निर्बाध विद्युत ​आपूर्ति के आदेश दे रहे हैं। यह हाल तब है जब मंत्री बराबर बिजली आपूर्ति की समीक्षा कर रहे हैं और अधिकारियों को विद्युत आपूर्ति के निर्देश बराबर दे रहे हैं। जबकि अधिकारियों पर मंत्री के किसी आदेश का कोई असर नहीं पड़ रहा है। गांव से शहर तक बिजली व्यवस्था ध्वस्त नजर आ रही है। 
ऊर्जा मंत्री श्रीकान्त शर्मा ने निर्बाध विद्युत आपूर्ति के लिए बुधवार को पश्चिमांचल डिस्कॉम के मुरादाबाद, बिजनौर, अमरोहा, रामपुर और सम्भल जिलों के जनप्रतिनिधियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भरपूर बिजली है, आपूर्ति और उपभोक्ता हितों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं है। ऊर्जा मंत्री ने निर्देश दिए कि सूर्यास्त से सूर्योदय तक गांवों में अंधेरा न हो। सिंचाई से लेकर पेयजल आपूर्ति के लिए निर्बाध आपूर्ति मिले। उपभोक्ताओं को सही बिल-समय पर बिल देने के साथ ही बिलिंग से संबंधित शिकायत तत्काल दूर हों, एमडी सुनिश्चित करें। झटपट पोर्टल और निवेश मित्र में पेंडेंसी न रहे। ऊर्जा मंत्री ने निर्देश दिये कि जर्जर तार बदलने, एबी केबलिंग, ट्रांसफार्मर बदलने, ट्रांसफार्मर की क्षमता वृद्धि, नये उपकेन्द्र प्रस्तावों के स्टेटस, तैयार उपकेंद्रों के ऊर्जीकरण से जुड़े हो चुके और चल रहे विकास कार्यों की जानकारी 48 घंटे के अंदर सभी जनप्रतिनिधियों को दें ताकि वो आमजन को इसकी जानकारी दे सकें। 
उन्होंने खराब ट्रांसफार्मर बदले जाने में देरी की शिकायत पर नाराजगी जताते हुए स्टोर में सामान की उपलब्धता और गुणवत्ता जांचने के लिए ऑडिट के भी निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि ओवरलोडेड फ़ीडर्स की एमडी  समीक्षा करें और उन्हें अन्य फ़ीडर्स से कनेक्ट कर आपूर्ति बेहतर करें।
उन्होंने अविकसित कॉलोनियों में रह रहे लोगों को सुगम संयोजन योजना के तहत राहत के साथ बिजली कनेक्शन देने के लिए कहा। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि प्रदेश में पर्याप्त बिजली है इसलिए अनावश्यक रोस्टिंग  न हो यह सुनिश्चित करें। निर्बाध आपूर्ति के लिए इंजीनियर्स लगातार पेट्रोलिंग करें। ट्रांसफार्मर पर लोड की नियमित समीक्षा करें और आवश्यकता अनुसार क्षमतावृद्धि करते रहें। आवश्यकता पड़ने पर लिए जाने वाले शटडाउन की जनप्रतिनिधियों व जनता को जानकारी जरूर दें। उन्होंने जिला ऊर्जा समिति की बैठक कर नियमित समीक्षा के लिए कहा।
ऊर्जा मंत्री ने निर्देश दिए कि शटडाउन हमेशा प्रभावित क्षेत्र के ट्रांसफार्मर से लें, पूरा फीडर बंद न करें। प्रस्तावित उपकेंद्रों पर कार्य तेजी से बढ़े। ट्रांसफार्मर की फेंसिंग और पोल लगाने के शेष कार्य पूरा करें। साथ ही विद्युत संबंधी कार्य पूरी गुणवत्ता से पूर्ण हो, एमडी पश्चिमांचल सुनिश्चित करें और यूपीपीसीएल चेयरमैन इसकी सतत निगरानी करें।  ऊर्जा मंत्री ने कहा कि नई योजना के तहत नए 33/11 केवी उपकेंद्रों का निर्माण, ओवरलोड 33/11 केवी उपकेंद्रों की क्षमता वृद्धि, एलटी लाइनों पर एबी केबलिंग, 33 केवी व 11 केवी के फीडरों का विभक्तिकरण, जर्जर तारों को बदलने का कार्य, नए 11 केवी फीडरों का निर्माण, ओवर लोड ट्रांसफॉर्मरों की क्षमता वृद्धि, ओवरलोडिंग समाप्त करने के लिए नए ट्रांसफॉर्मर लगाने का कार्य समेत अन्य आवश्यक कार्य शुरू किए जाने हैं। जिससे विद्युत आपूर्ति संबंधी बहुत सी समस्याओं का स्थायी निराकरण हो जाएगा। साथ ही एमडी को इस संबंध में सभी जनप्रतिनिधियों से शीघ्र ही प्रस्ताव लेकर कारपोरेशन को भेजने के निर्देश भी दिये।

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