पुलिस ने छापा मारकर बरामद किया हथियारों का जखीरा, चुनाव में आतंक फैलाने के लिए एकत्र किया जा रहा था मौत का सामान  

 
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मेरठ। जिले में आगामी विधानसभा में आतंक फैलाने के उद्देश्य से हथियारों को एकत्र किया जा रहा था। मुखबिर की सूचना पर गांव रुहासा के पूर्व उप प्रधान सदरुद्दीन के घर से पुलिस ने देर रात छापा मारकर हथियारों का बड़ा जखीरा बरामद किया। सदरुद्दीन ने बेड के भीतर बड़ी संख्‍या में कारतूस और हथियार छिपाकर रखे हुए थे। वहीं बताया जा रहा है कि सदरुद्दीन के बेटे शबी और रजी गांव में वर्चस्व कायम करने के लिए हथियारों की नुमाइश करते हैं। कुछ साल पहले गांव में हुए दोहरे हत्याकांड में शबी जेल भी जा चुका है और अब जमानत पर है। गांव में दोनों भाई बात-बात पर फायरिंग कर देते हैं। अफजाल का परिवार अक्सर उनके विरोध में आ जाता है। इस कारण अफजाल और सदरुद्दीन के परिवार में छत्तीस का आंकड़ा रहता है। एसपी सिटी विनीत भटनागर का कहना है। कि गांव में वर्चस्व, आगामी विधानसभा चुनाव और हथियारों की सप्लाई से घटनाक्रम को जोड़कर देखा जा रहा है। पुलिस हर बिंदु पर जांच कर रही है। सदरुद्दीन के दोनों बेटों की तलाश भी पुलिस कर रही है। बता दें कि इससे पहले सदरुद्दीन से दुश्मनी रखने वाले अफजाल के घर पर पुलिस ने छापा मारा था। उसके परिजनों ने पुलिस पर हमला भी कर दिया था। इसी के चलते बुधवार को बड़ी संख्या में पुलिस बल लेकर छापामारी की गई।
रुहासा गांव की राजनीति पूर्व प्रधानों शहीद अख्तर और सलीम के इर्द-गिर्द घूमती है। चुनाव में शहीद अख्तर के साथ सदरुद्दीन का परिवार रहता है, जबकि सलीम के साथ अफजाल का परिवार। कभी सलीम तो कभी शहीद अख्तर प्रधान चुने जाते हैं। दोनों पक्षों में रंजिश है। इस बार गांव में प्रधान पद आरक्षित होने पर सलीम ने अपनी तरफ से कमर अख्तर को मैदान में उतारा था। शहीद अख्तर की तरफ से जरीफ मलिक चुनाव मैदान में थे। जरीफ ने कमर अख्तर को हरा दिया था। तब भी दोनों पक्षों में विवाद हुआ था। सदरुद्दीन और अफजाल आमने-सामने आ गए थे। इसी रंजिश को लेकर दोनों पक्षों के लोग घरों में हथियार रखते हैं। बुधवार को छापेमारी के दौरान भी गांव में चर्चा रही कि अफजाल पक्ष ने मुखबिरी की, जिस पर पुलिस ने सदरुद्दीन के घर पर छापा मारकर बड़ी संख्या में हथियार बरामद किए। पुलिस की अभी तक की पड़ताल में सामने आया कि गांव में चल रही वर्चस्व की जंग में सदरुद्दीन के बेटे शबी और रजी ने हथियारों का जखीरा रखा हुआ था। कारतूस इतनी बड़ी संख्या में बरामद हुए हैं। कि यदि दोनों पक्षों में फायरिंग होती तो बवाल खड़ा हो जाता।

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