मेरठ में कांवड़ खंडित होने पर हंगामा, पुलिस ने शांत किया मामला
मेरठ। दौराला के सकौती में आज शुक्रवार को एक शिवभक्त की कांवड़ खंडित होने पर कांवड़ियों ने हंगामा कर दिया। इसके बाद कांवड़ियों ने हाईवे पर जाम लगा दिया। वहीं, मौके पर पहुंची पुलिस ने शिवभक्तों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन, जल दोबारा लाकर देने की बात पर शिव भक्त शांत हुए। नोएडा के […]
मेरठ। दौराला के सकौती में आज शुक्रवार को एक शिवभक्त की कांवड़ खंडित होने पर कांवड़ियों ने हंगामा कर दिया। इसके बाद कांवड़ियों ने हाईवे पर जाम लगा दिया। वहीं, मौके पर पहुंची पुलिस ने शिवभक्तों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन, जल दोबारा लाकर देने की बात पर शिव भक्त शांत हुए।
नोएडा के जेवर फलुकरा मुकुल अपने साथियों के साथ हरिद्वार से गंगा जल लेकर अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे थे। सकौती पहुंचने पर एक बाइक सवार ने मुकुल की कांवड़ में टक्कर मार दी। किस कारण कांवड़ खंडित हो गई। जिस पर कांवड़ियों का गुस्सा फूट पड़ा।
घटना के बाद बाइक सवार वहां से भाग निकला। इसके बाद कांवड़ियों ने हंगामा करते हुए हाईवे पर जाम लगा दिया। सूचना पर पुलिस पहुंची और शिवभक्तों को समझाने का प्रयास किया। कांवड़ियों के नहीं मानने पर पुलिस ने शिवभक्तों को गंगा जल लाकर देने का आश्वासन दिया, जिस पर शिव भक्त शांत हुए।
रॉयल बुलेटिन से जुड़ें:
देश-प्रदेश की ताज़ा ख़बरों को सबसे पहले पढ़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करें:
आपको यह खबर कैसी लगी? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दे। आपकी राय रॉयल बुलेटिन को और बेहतर बनाने में बहुत उपयोगी होगी।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
रॉयल बुलेटिन के संस्थापक एवं मुख्य संपादक अनिल रॉयल ने वर्ष 1985 में मात्र 17 वर्ष की आयु से मुज़फ्फरनगर की पावन भूमि से निर्भीक और जनपक्षधर पत्रकारिता का संकल्प लिया। बीते लगभग चार दशकों से वे पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सशक्त और विश्वसनीय आवाज़ के रूप में पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं।
पत्रकारिता के अपने लंबे अनुभव के आधार पर उन्होंने वर्ष 2010 में नोएडा से रॉयल बुलेटिन के प्रिंट संस्करण का सफल विस्तार किया। समय के साथ बदलते मीडिया परिदृश्य को समझते हुए, उनके नेतृत्व में यह संस्थान आज एक मजबूत और प्रभावशाली डिजिटल समाचार मंच के रूप में स्थापित हो चुका है।
वर्तमान में रॉयल बुलेटिन की पहुँच न्यूज़ पोर्टल, फेसबुक, यूट्यूब, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप सहित सभी प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर करोड़ों पाठकों तक है। प्रिंट और डिजिटल मीडिया के स्वामी एवं संपादक के रूप में अनुभव, सत्यनिष्ठा और जन-सरोकार उनकी पत्रकारिता की मूल आधारशिला रहे हैं।

टिप्पणियां