मेरठ में भिड़े शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और भाजपा सांसद, सेवकों ने सांसद को मंदिर से बाहर निकाला
मेरठ। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने लव जिहाद पर बड़ा बयान दिया है। वहीं, विरोध करने पर शंकराचार्य भाजपा सांसद पर भड़क गए। इस दौरान दोनों के बीच खूब तीखी बहस हुई। लव जिहाद को लेकर बुधवार को ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने भाजपा और संघ पर तीखा हमला बोला। इस मामले को लेकर शंकराचार्य और […]
मेरठ। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने लव जिहाद पर बड़ा बयान दिया है। वहीं, विरोध करने पर शंकराचार्य भाजपा सांसद पर भड़क गए। इस दौरान दोनों के बीच खूब तीखी बहस हुई।
लव जिहाद को लेकर बुधवार को ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने भाजपा और संघ पर तीखा हमला बोला। इस मामले को लेकर शंकराचार्य और भाजपा सांसद राजेन्द्र अग्रवाल के बीच तीखी बहस हो गई। इसके बाद शंकराचार्य के सेवकों ने सांसद को मन्दिर से बाहर निकाल दिया।
गढ़ रोड स्थित राज राजेश्वरी मंदिर में चल रहे श्रीराम दरबार और पंच मुखी हनुमान जी की प्राण प्रतिष्ठा समारोह में भाग लेने के लिए ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पहुंचे। इस समारोह में भाजपा और आरएसएस के पदाधिकारी भी बुलाये गए थे। वहां पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि लव जिहाद पर कानून बनाने से क्या होगा, जब भाजपा की ही दोहरी नीति है। इस पर वहां उपस्थित आरएसएस के महानगर संघचालकसंघ विनोद भारतीय ने विरोध जताया और कहा कि आपको ऐसा नहीं बोलना चाहिए।
इस पर शंकराचार्य भड़क गए। उन्होंने कहा कि संघियों का यही रवैया है। अब तुम मुझे सिखाओगे, मुझे क्या बोलना चाहिए। मैने कुछ गलत नहीं बोला है।इस गहमा-गहमी को लोगों ने हस्तक्षेप कर शांत कराया।
इसके बाद भाजपा सांसद राजेंद्र अग्रवाल भी शंकराचार्य के दर्शन करने पहुंच गए। उन्होंने विवाद के विषय में बात करनी चाही तो शंकराचार्य उन पर भी भड़क गए।
गुस्साए सांसद ने कहा कि मैं आपको भी सन्यासी मानने से इंकार करता हूं। इस बीच दोनों में तीखी बहस हुई। इसके बाद शंकराचार्य के सेवकों ने सांसद को खींचकर कमरे से बाहर निकाल दिया। इस बारे में सांसद का कहना है कि वे निमंत्रण पर मंदिर गए थे। शंकराचार्य को ऐसा व्यवहार नहीं करना चाहिए था। यह सन्यासी या शंकराचार्य का व्यवहार नहीं है।
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