टेंट व्यापारियों ने की मुख्यमंत्री केजरीवाल से गुहार, कुछ तो रहम करो सरकार

 
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मेरठ। कोरोना के बढ़ते मामलों को देखकर दिल्ली सरकार ने सख्ती शुरू कर दी है। इस सख्ती के बीच आल इंडिया टेंट डीलर वेलफेयर आर्गेनाईजेशन का प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रीय महामंत्री सरदार करतार सिंह कोच्चर व राष्ट्रीय अध्यक्ष विपुल सिंघल की अध्यक्षता में दिल्ली राज्य के पूर्व विधायक नितिन त्यागी से मिला। जिसमें दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नाम एक ज्ञापन दिया।
आल इंडिया टेंट डीलर वेलफेयर आर्गेनाईजेशन के प्रतिनिधिमंडल ने दिल्ली मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को सात सूत्रीय ज्ञापन सौंपा हैं। जिसमें उन्होंने कहा है कि कोरोना महामारी की तीसरी लहर का असर दिल्ली राज्य पर बढ़ता चला जा रहा है। कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए दिल्ली सरकार द्वारा विभिन्न प्रकार की सख्तियां तथा शादी व इससे संबंधित व्यवसाय पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। हम सभी के स्वास्थ्य की चिंता करते  हुए  सरकार द्वारा लिए गए निर्णयों का हम सभी व्यवसायी  स्वागत करते हैं।
दो साल से लॉकडाउन और कोरोना से प्रभावित है व्यापार :
विपुल सिंघन ने बताया कि पिछले दो वर्षों से टेंट व इससे संबंधित व्यवसाइयों पर कोरोना बचाव के लिए उठाए गए कदम जैसे लॉक डाउन, शादी में अतिथियों की संख्या पर अंकुश लगाया जाना, बैंक्वेट हॉल, असेंबली हॉल, मंडप व अन्य इसी प्रकार के स्थलों पर रोक लागये जाने से इन सभी का काम/संचालन करने वाले व्यवसाइयों पर आर्थिक संकट गहराता जा रहा है। बच्चों की स्कूल की फीस, घर के सदस्यों की दवा, खाना व  बैंक की किश्तों  के लिए भी पैसे नही हैं। टेंट व्यवसाय व व्यवसायी को बचाने के लिए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से मांग की हैं। ज्ञापन में ​ये निम्न मांगे शामिल हैं।
1.दिल्ली डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी द्वारा दिल्ली में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए येलो(Yellow Zone) जोन में कर दिया गया है। इस आदेश के अनुसार येलो ज़ोन में आने के उपरांत दिल्ली में सभी बैंकट हॉल/ ऑडिटोरियम/ असेंबली हॉल तथा इस प्रकार की जितनी भी जगह है सब को संपूर्ण रूप से बंद कर दिया गया है। बैंकट हॉल कॉन्फ्रेंस हॉल/ असेंबली हॉल/ ऑडिटोरियम तथा इस प्रकार के सभी व्यवसाय  पहले ही सन 2020 से कोरोना की मार को झेलते आ रहे हैं।
बैंकट हॉल कॉन्फ्रेंस हॉल/ असेंबली हॉल/ ऑडिटोरियम तथा इस प्रकार के सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में बड़े बड़े विद्युत भार स्वीकृत कराए हुए हैं जिनका प्रति किलो वाट के अनुसार न्यूनतम फिक्स्ड चार्ज देय होता है। व्यवसाय बंद होने के कारण इनके संचालक बिजली के बड़े-बड़े बिल देने में असमर्थ है। इन सभी व्यवसायियों के बिजली के बिल में से फिक्स्ड चार्ट माफ कर दिया जाए तथा उतना ही बिल वसूला जाए जितनी बिजली इनके द्वारा उपयोग की जा रही है।
2. टेंट व्यवसाय से जुड़े छोटे दुकानदार जिनकी दुकान व गोदाम मकान मालिक द्वारा किराया न दिए जा पाने के कारण खाली करा ली गयी हैं उन सभी व्यवसाइयों को राहत पैकेज के रूप में न्यूनतम दस लाख रुपये का ऋण उपलब्ध कराकर पुनः व्यवसाय करने का मौका दिया जाए।
3. जिस प्रकार दिल्ली में इंडस्ट्रियल एरिया बने हैं उसी तर्ज पर टेंट नगरी बनाकर 100 से 500 वर्ग मीटर के प्लाट व्यवसाइयों को उनके गोदाम व दुकान खोलने के आसान किश्तों व रियायती दरों पर उपलब्ध कराए जाएं।
4. न्यूनतम दस्तावेज़ों पर आसानी से व्यापार करने के लाइसेन्स जारी किए जाने की आवश्यकता है।
5. टेंट व्यवसाय से जुड़े कर्मचारियों के कैम्प लगाकर आसानी व शीघ्रता के साथ राशन कार्ड व आयुष्मान योजना में पंजीकरण  कराए जाने की आवश्यकता है।
6. दिल्ली सरकार की खाली जमीन को टेंट व्यवसाइयों को किराए पर उपलब्ध कराया जाए ताकि टेंट व्यवसायी को रोजगार मिल सके और गरीब मां बाप  शादी में कम खर्चे में अपनी बेटी का विवाह समारोह कर सके।
7. आपके द्वारा कोरोना महामारी की तीसरी लहर के चलते सभी प्रकार के शादी विवाह संबंधित आयोजनों पर बैंक्वेट हाल, असेंबली हॉल व इसी प्रकार के स्थलों पर रोक लगा दी गयी है, तथा अतिथियों की अधिकतम सीमा भी 20 तय की गई है। टेंट व्यापारियों ने निवेदन किया है कि इस पर पुनः विचार कर शादी विवाह के स्थलों को काम करने की इजाज़त दें और उनमें आने वाले अतिथियों की संख्या को भी बढ़ाने की कृपा करें ताकि लोगो की जान को भी खतरा न हो और शादी विवाह से संबंधित व्यवसाय भी बचा रहे।
इस मौके पर आल इंडिया टेंट डीलर वेलफेयर आर्गेनाईजेशन रजि० के राष्ट्रीय अध्यक्ष विपुल सिंघल, सीनियर वाइस चेयरमैन नवीन कुमार अग्रवाल,दिल्ली टेंट फेडरेशन वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष विजेंद्र सिंह मान, महासचिव दीपक मित्तल, कोषाध्यक्ष मनीष यादव, उप प्रधान अजय गर्ग आदि मौजूद रहे।

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