2019 में प्रेमी के साथ फरार हुई 13 साल की नाबालिग डेढ साल के बच्चे के साथ लौटी, कोर्ट में भी उलझा मामला 

 
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मेरठ। एक अजब गजब मामला सामने आया है।  एक पिता की 13 वर्षीय बेटी साल 2019 में प्रेमी के साथ फरार हो गई थी। परिजन बेटी की बरामदगी के लिए थानों के चक्कर काटते रहे वहीं पुलिस ने दो साल बाद उनकी बेटी को उत्तराखंड से बरामद तो कर लिया लेकिन तब तक वह एक डेढ़ साल के बच्चे की मां बन चुकी थी। बरामद बेटी की उम्र पर कोर्ट में मामला उलझ गया है। पिता ने अपनी बेटी को जहां नाबालिग बताया तो वहीं उनकी बेटी का कहना है कि उसकी उम्र बीस साल है। फिलहाल इस मामले में शुक्रवार को सुनवाई होनी है।

प्रेमी के साथ फरार हुई लड़की को पुलिस ने दो साल बाद बरामद तो कर लिया, लेकिन उम्र का पेच फंस गया है। कोर्ट में लड़की ने खुद को बालिग, जबकि उसके पिता ने नाबालिग बताया है। अदालत ने पुलिस को तीन दिन में टीसी का सत्यापन करने के आदेश दिए हैं। अगली सुनवाई 23 जुलाई को होगी। वहीं, लड़की के पिता ने कोर्ट के बाहर चेतावनी दी है कि अगर इंसाफ नहीं मिला तो वह जान दे देगा।
यह मामला रोहटा थाना क्षेत्र का है। 2019 में गांव का प्रेमी युगल फरार हो गया था। लड़की के पिता ने बेटी की उम्र 13 साल बताकर अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया। दो साल तक पुलिस दोनों को ढूंढ नहीं पाई। 
महिला आयोग से शिकायत के बाद आईजी मेरठ रेंज प्रवीण कुमार ने मामले की जांच एसपी हापुड़ को सौंपी थी। एसपी हापुड़ ने एसआईटी गठित की, जिसमें सीओ पिलखुवा तेजवीर सिंह, इंस्पेक्टर नरेश और सर्विलांस प्रभारी जयपाल सिंह शामिल थे। पुलिस ने युगल को बरामद कर कोर्ट में पेश किया। लड़की अब डेढ़ साल के बच्चे की मां है।
एडीजी-5 की कोर्ट में  सुनवाई हुई। जिसमें लड़की के पिता भी पहुंचे। पिता ने अपनी बेटी की कक्षा पांच की टीसी कोर्ट में पेश की, जिसमें हाल में उसकी उम्र 15 साल बताई। जबकि लड़की का दावा है कि टीसी फर्जी है और अब वह 20 साल की है। युवक से उसने शादी कर ली है। 
दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने हापुड़ पुलिस को निर्देश दिए है कि तीन दिन में टीसी का सत्यापन करके रिपोर्ट दें। इस केस में अगली तारीख 23 जुलाई लगाई गई है। सीओ पिलखुआ तेजवीर सिंह का कहना है कि कोर्ट जो फैसला देगी, उसके आधार पर लड़की को भेजा जाएगा।

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