मेरठ सहित प्रदेश के सभी जिलों में इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम से लैस होगी ट्रैफिक पुलिस

 
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मेरठ। मेरठ सहित प्रदेश के सभी जिलों में ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार लाने के लिए इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम को लागू किया जाएगा। इससे ट्रैफिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव आएगा। इसके लिए ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की संख्या बढ़ाने से लेकर आधुनिक तकनीक के विस्तार के निर्देश सरकार की ओर से दिए गए हैं। बता दें कि अब इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम यानी आइटीएमएस 17 नगर निगम वाले शहरों तथा गौतमबुद्धनगर में प्रभावी ढंग से लागू करने के साथ ही यह नगर निकाय वाले जिलों में भी लागू किया जाएगा। 
इसके साथ ही आने वाली पीढ़ी को यातायात नियमों के प्रति जागरूक बनाने के लिए पाठ्यक्रम में यातायात नियमों को भी शामिल किया जाएगा। बता दें कि इस समय राजधानी लखनऊ व वाराणसी में इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनजमेंट सिस्टम लागू किया हुआ है। लेकिन अब इसे मेरठ सहित प्रदेश के भी जिलों में लागू किया जाएगा। आईटीएमएस के माध्यम से ट्रैफिक के कमांड सेंटर के जरिए यातायात प्रबंधन की आधुनिक व्यवस्था होगी।
मेरठ में अंतरजनपदीय ट्रैफिक का प्रभावी संचालन व उसकी मॉनिटरिंग सबसे महत्वपूर्ण है। एसपी ट्रैफिक मेरठ जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि इसकी प्रभावी मानीटरिंग वीडियो वाल के जरिए की जाएगी जिससे कहीं भी जाम की स्थिति न पैदा होने दी जाए। यातायात पुलिसकर्मियों का प्रभावी इस्तेमाल किए जाने के साथ ही यातायात सिपाहियों की संख्या भी बढाई जाएगी। जिले में वर्तमान में यातायात पुलिस व होमगार्ड के जवान ट्रैफिक ड्यूटियां संभाल रहे हैं। जगह-जगह पर यातायात संकेतों को स्थापित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि पटरी दुकानदारों की सुविधा के लिए वेंडिंग जोन की व्यवस्था की जाएगी। पुलिसकर्मियों का प्रशिक्षण बढ़ाने के साथ ही यातायात व्यवस्था संभालने में लगे होमगार्डों को भी प्रशिक्षण दिया जाएगा।

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