लॉकडाउन में व्यापार हुआ ठप तो कर्ज में डूबे व्यापारी ने पत्नी—बेटी को चाकू मारकर खुद को किया लहूलुहान 

 
1
मेरठ। व्यापार मेंं कर्ज से परेशान हुए युवक ने अपनी पत्नी और बेटी पर चाकू से हमला कर घायल कर दिया। इसके बाद युवक ने खुद भी अपने को चाकू मारकर लहूलुहान कर लिया। परिजनों ने पूरा मामला छिपाए रखा और देर राज जब उपचार के दौरान बच्ची की मृत्यु हुई इसके बाद जाकर मामले का खुलासा हुआ। अस्पताल पहुंची पुलिस ने मामले की जानकारी ली। लेकिन परिजन पुलिस से बात करने से बचते रहे। घटना थाना लिसाडी गेट क्षेत्र के इस्लामाबाद की है। कोरोना संक्रमण के दौरान लगे लॉकडाउन में एक व्यापारी का पूरा काम ही ठप हो गया। उस पर लोगों का लाखों का कर्ज हो गया। जिससे वह परेशान रहने लगा। ईद के दिन घर में एक रूपया नहीं था। जिससे वह और परेशान हो गया और पूरे परिवार को जान से मारने की नीयत से यह कदम उठाया। 
इस्लामाबाद गली-5 निवासी जुनैद पुत्र रमजानी का पावरलूम का काम है। लॉकडाउन के दौरान उसको कारोबार में घाटा हुआ। जिससे जुनैद लाखें की कर्जदारी में डूब गया। इससे वह परेशान रहने लगा और मानसिक रूप से बीमार हो गया। काफी समय से उसका डिप्रेशन का इलाज चल रहा था। इस बीच, ईद के दिन बुधवार दोपहर करीब एक बजे जुनैद की पत्नी रेशमा से लड़ाई हो गई। जुनैद ने चाकू से पत्नी पर हमला कर दिया। रेशमा लहूलुहान हालत में मकान की नीचे वाली मंजिल पर अपने जेठ हसनैन के यहां पहुंची और पूरा मामला बताया। परिजन पहुंचे तो देखा कि जुनैद ने नौ साल की बेटी जनरेल को भी हमला कर दिया है और खुद पर भी चाकू से आधा दर्जन वार कर लिए। तीनों को तुरंत ही निजी अस्पताल में भर्ती कराया। शाम को बेटी जनरेल की मौत हो गई। इसके बाद पुलिस को अस्पताल प्रशासन की ओर से सूचना दी गई। दूसरी ओर जुनैद की हालत बिगड़ी तो उसे भी दूसरे अस्पताल शिफ्ट किया गया। 
पुलिस सूचना के बाद अस्पताल पहुंची तो पता चला कि बच्चे की लाश को परिजन अपने घर ले गए। पुलिस टीम इस्लामाबाद पहुंची और जनरेल की लाश को कब्जे में लिया। सीओ कोतवाली अरविंद चौरसिया भी मौके पर पहुंचे। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। वहीं, परिजन कहते रहे कि उन्हें कोई कार्रवाई नहीं करानी है क्योंकि जुनैद मानसिक रूप से बीमार है।

From around the web