महिलाओं को अपनी ताकत पहचानने  के साथ खुद को मजबूत करना होगा

 
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मेरठ। आज पर्यावरण एवं स्वच्छता क्लब द्वारा राष्ट्रीय महिला हिंसा उन्मूलन दिवस के अवसर पर गढ़ रोड स्थित सात फेरे रेस्टोरेंट में विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया।
क्लब निदेशक आयुष व पीयूष गोयल ने बताया कि महिलाएं हमारे समाज का अभिन्न अंग है। महिलाओं के बिना समाज की कल्पना भी नहीं की जा सकती। भारत में प्रतिवर्ष 5 करोड महिलाएं हिंसा का शिकार होती हैं। नारी सृष्टि की बनाई अनमोल कृति है। महिलाओं के प्रति वायलेंस इस लिए बढ़ रही है। क्योंकि समाज में जेंडर इक्वलिटी नहीं है। किसी को कमतर और किसी को बेहतर मानना समाज के लिए उचित नहीं है। महिलाओं के प्रति संवेदनशील होना होगा, महिलाएं परिवार की आधारशिला है।
डाइटिशियन भावना गांधी ने कहा महिलाओं को संतुलित आहार ग्रहण करना चाहिए। उन्हें अपने भोजन में नियमित रूप से मिलेट्स और प्रोटीन भरपूर मात्रा में शामिल करना चाहिए ।
महिलाओं को नियमित रूप से ड्राई फ्रूट्स, फल, दूध, दलिया ,कैल्शियम, विटामिन, मिनरल्स आदि को शामिल करना चाहिए।
समाज सेविका नेहा कक्कड़ ने बताया समाज में महिलाओं की अपनी जिम्मेदारी  स्वयं समझनी चाहिए । वर्तमान समय में महिलाएं हर क्षेत्र में पुरुषों से आगे बढ़ रही है, समाज में महिलाओं को बढ़ावा देने के लिए उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना होगा।
क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट डॉ0 यासमीन शरीफ ने बताया
महिलाओं को मानसिक रूप से मजबूत होना होगा महिलाओं को अपनी ताकत को पहचानना होगा यदि एक महिला चाहे तो समाज की दिशा और दशा बदल सकती है महिलाएं सशक्त थी, है, और रहेंगी।
मंडप एसोसिएशन के महामंत्री विपुल सिंघल ने बताया।
महिलाओं को आवश्यकता है अपने खिलाफ हो रहे अत्याचार के प्रति आवाज उठाने की। महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होना होगा।
कार्यक्रम में भावना गांधी, नेहा कक्कड़, डॉ यास्मीन शरीफ, विपुल सिंघल, अतुल शर्मा, नवीन अग्रवाल, आलोक सिसोदिया, अरविंद गुप्ता,
एसके शर्मा, ई0 वीरपाल सिंह आदि उपस्थित रहे।

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