पीडब्ल्यूडी की अभियंता से दिल्ली की महिला ने मांगी 5 लाख की रंगदारी, सरकारी कार्य में बाधा डालने के मुकदमा दर्ज
मुरादाबाद। मुरादाबाद के पीडब्ल्यूडी की सहायक अभियंता ने दिल्ली निवासी महिला पर झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर पांच लाख रुपये की रंगदारी मांगने का आरोप लगाते हुए केस दर्ज के लिए 156/3 के तहत न्यायालय में वाद दायर किया था। सहायक अभियंता ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपित महिला उसके खिलाफ सौ […]
मुरादाबाद। मुरादाबाद के पीडब्ल्यूडी की सहायक अभियंता ने दिल्ली निवासी महिला पर झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर पांच लाख रुपये की रंगदारी मांगने का आरोप लगाते हुए केस दर्ज के लिए 156/3 के तहत न्यायालय में वाद दायर किया था। सहायक अभियंता ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपित महिला उसके खिलाफ सौ से अधिक झूठी शिकायतें कर चुकी है और उसको परेशान कर रही है।
मामले में न्यायालय ने थाना पुलिस को मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया। पुलिस क्षेत्राधिकारी सिविल लाइंस ने बताया कि सोमवार को थाना सिविल लाइन पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर दिल्ली निवासी आरोपित महिला के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
मुरादाबाद के थाना सिविल लाइंस क्षेत्र स्थित पीडब्ल्यूडी कालोनी निवासी कविता सिंह लोकनिर्माण विभाग के निर्माण खंड-1 में सहायक अभियंता के पद पर तैनात हैं। कविता सिंह ने दिल्ली के नेहरू विहार निवासी करावल नगर निवासी प्रीति कुमारी के खिलाफ सिविल लाइंस थाने में केस दर्ज कराया है। दर्ज रिपोर्ट में कविता सिंह ने बताया कि साल 2021 में मुरादाबाद की हेमवती नाम की महिला के नाम पर पेट्रोल पंप की एनओसी जारी की गई थी।
आरोप लगाया कि इसके बाद से प्रीति कुमारी ने फर्जी दस्तावेज तैयार करके पेट्रोल पंप की एनओसी जारी करने को लेकर शिकायतें करनी शुरू कर दीं। प्रीति ने शिकायतों में आरोप लगाया कि पीडब्ल्यूडी में तैनात अभियंताओं ने अपने निजी लाभ के लिए पेट्रोल पंप लगाने के लिए एनओसी दी है।
सहायक अभियंता ने बताया कि आरोपित ने इस संबंध में 36 आरटीआई और 60 आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायतें की गई हैं। इसके अलावा भी कई प्रार्थना पत्र उच्च अधिकारियों को दिए। कविता सिंह के अनुसार अब तक 100 से ज्यादा शिकायतें प्रीति कुमारी ने अलग-अलग तारीखों में की है। इन शिकायतों की जब उच्चाधिकारियों द्वारा जांच कराई गई तो सभी आरोप झूठे पाए गए।
सहायक अभियंता कविता सिंह के अनुसार सभी संबंधित विभागों से एनओसी प्राप्त होने के बाद ही डीएम द्वारा पेट्रोल पंप का लाइसेंस जारी किया जाता है। केवल पीडब्लयूडी अकेले नहीं जारी करा सकता। आरोप लगाया कि इसके बावजूद साजिश के तहत इस मामले में प्रीति कुमारी ने फोन करके पांच लाख रुपये की रंगदारी मांगी। मना करने पर धमकी दी कि यदि रुपये नहीं दिए तो लगातार शिकायत करके झूठे केस में फंसा देगी। पीड़िता ने 156/3 के तहत न्यायालय में वाद दायर किया था जिसके बाद सीजेएम कोर्ट ने मामले मंे एफआईआर दर्ज के आदेश दिए।
सीओ सिविल लाइंस अर्पित कपूर ने बताया कि कोर्ट के आदेश के बाद पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड-1 की सहायक अभियंता कविता सिंह की तहरीर के आधार पर दिल्ली निवासी महिला के खिलाफ रंगदारी मांगने, धमकी देने, झूठी शिकायत करके सरकारी कार्य में बाधा डालने समेत अन्य गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है।
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