पुलिस और ठक-ठक गिरोह के बीच के मुठभेड़, तीन बदमाश गोली लगने से घायल

 
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नोएडा। जिले के सेक्टर 39 पुलिस और ऑटो पर सवार बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में तीन बदमाश गोली लगने से घायल हो गए।  पुलिस ने घायल बदमाशों को इलाज के लिये अस्पताल में भर्ती कराया है। प्रारंभिक पूछताछ से पता चला है कि यह बदमाश ठक-ठक  गिरोह के सदस्य हैं, जो गाड़ियों के ड्राइवर और मालिकों का ध्यान रखा कर गाड़ी में रखे सामान पर हाथ साफ करते थे। इस गिरोह के सदस्यों के पास से गुलेल और लोहे के छर्रे भी बरामद हुए हैं, जिसकी  मदद से ये बदमाश पर्किंग में खडी गाडियो का शीशा तोड़कर गाड़ी में रखे लैपटॉप और अन्य कीमती सामान चुरा लेते थे।  पुलिस ने पुलिस ने इनके कब्जे से चोरी किए गए 22 लैपटॉप, 5 टेबलेट, एक गुलेल और 20 लोहे की गोलियां और तमंचे बरामद किए हैं।
पुलिस से हुई मुठभेड़ के दौरान गोली लगने से घायल दीपक,  जाकिर और दिनेश को पुलिस ने इलाज के लिए नोएडा के जिला अस्पताल में भर्ती कराया है एडिशनल डीसीपी नोएडा रणविजय सिंह ने बताया कि ये तीनों ही शातिर किस्म के अपराधी है और नोएडा एनसीआर में सैकड़ों वारदात को अंजाम दे चुके है। ये बदमाश आटो मे बैठ रेकी कर चोरी की वारदात को अंजाम देते थे। इनमें थाना 39 क्षेत्र किसी वारदात कौ अंजाम देने कि सूचना पुलिस टीम ने इनका पीछा कर सुपर टेक के निकट सेक्टर 98 में बदमाशों को घेर लिया और गिरफ्तार करने का प्रयास किया बदमाशों ने अपने आप को घिरा देख पुलिस टीम पर फ़ायर कर भागने का प्रयास किया, पुलिस की जवाबी कार्रवाही में गोली लगने से तीनों घायल हो गये।
एडिशनल डीसीपी नोएडा ने बताया कि जांच में सामने आया कि तीनो बदमाशों पर दर्जनों से अधिक मुकदमे पंजीकृत हैं। जिसमें बदमाश दीपक पर 70 से अधिक मुकदमें दर्ज हैं। घायल बदमाश दीपक गिरोह को लीड करता था। पूर्व में कई बार जेल जा चुका दीपक हर बार जेल से छूटने के बाद फिर से अपराध करने लगता था। दिल्ली और नोएडा सहित एनसीआर के अन्य शहरों के बेरोजगार युवकों को दीपक तेजी से गिरोह में शामिल कर रहा था। दीपक की योजना समूचे वेस्टर्न यूपी में वारदात करने की थी। पूछताछ में यह बात सामने आई  है कि गिरोह के बदमाश एक दिन में तीन से अधिक वारदात करते थे। इसके अलावा वारदात का परिधि क्षेत्र 20 किलोमीटर के दायरे में ही सीमित रहता था। आटो में चोरी का लैपटाप रखकर बदमाश फरार हो जाते थे और उसे कम दामों में बेच देते थे। वारदात के पहले गिरोह में शामिल स्थानीय बदमाश रेकी कर कार की सूचना अन्य बदमाशों को देते थे। उसके बाद बदमाश वारदात को अंजाम देते थे।
एडीसीपी रणविजय सिंह ने बताया कि पूछताछ के दौरान ऐसे कई दुकानदारों के बारे में जानकारी मिली है जो चोरी का सामान कम दामों में खरीदते थे। ज्यादातर दुकानदार दिल्ली के हैं। ऐसे दुकानदारों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई करेगी। आरोपियों के कब्जे से 22 लेपटॉप, 05 टेबलेट, व 03 तमंचे 315, 07 जिंदा व 01 खोखा कारतूस व शीशा तोड़ने के उपकरण सहित एक ऑटो बरामद किया है।

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