रूस और बर्लिन की नकली स्टेरॉयड दवा बनाने की फैक्टरी का भंडाफोड़, करोड़ों का माल बरामद

 
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 नोएडा। औषधि विभाग और बादलपुर कोतवाली पुलिस की टीम ने क्षेत्र के बिसनुली गांव में नकली स्टेरॉयड दवा बनाने की फैक्टरी का भंडाफोड़ किया है। यहां से करीब तीन करोड रुपये की नकली प्रोटीन बरामद की है। करीब डेढ़ करोड़ रुपये का स्टेरॉयड व 50 लाख रुपये का अन्य सामान बरामद किया गया है। मौके से पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। जबकि दो लोग फरार हो गए।
युवाओं में बॉडी बिल्डिंग का काफी जुनून है, युवाओं इस जुनून का फायदा उठाने चेन्नई के टीआईएल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से बॉयोटेक इंजीनियरिंग डिग्री करने वाले मास्टर माइंड अनुज ने प्रवीण और सोमवीर के साथ मिल नकली स्टेरॉयड दवा बनाने की फैक्टरी थाना बादलपुर के बिसनुली गांव छ्ह महीने पहले स्थापित नकली स्टेरॉयड दवा बनाने का धंधा शुरू कर दिया। औषधि विभाग को मुखबिर की सूचना पर बादलपुर कोतवाली पुलिस के साथ मिल कर छापा मार तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। कंपनी दो कमरों में चल रही थी। यहां से करीब डेढ़ करोड़ रुपये के इंजेक्शन और दवाएं मिली। इसके अलावा स्टेरॉयड बनाने की मशीन और कार भी बरामद की गई। कंपनी से बरामद स्टेरॉयड इंपॉर्टेंड है। इसकी पैकिंग पर उत्पादन रूस और बर्लिन लिखा है। विभाग का कहना है कि रूस और बर्लिन के नाम से यहां पर उत्पादन नहीं हो सकता। यहां अवैध रूप से यह कंपनी चल रही थी। स्टेरॉयड की गुणवत्ता की जांच के लिए सैंपल लेकर लैब में भेजा गया है।
एडीसीपी इलामारन ने बताया कि मौके से मुख्य आरोपी अनुज कुमार निवासी वाराणसी, बचन कुमार निवासी खानपुर बुलंदशहर और प्रीतम निवासी अमोगपुर चंदौली को गिरफ्तार किया था। इनके पास से सवा करोड़ रुपये की स्टेरॉयड, एक गाड़ी, स्कूटी, मशीन और उपकरण भी बरामद किए गए थे। गिरोह के दो बदमाश अभी फरार हैं। इनकी पहचान हरियाणा के रेवाड़ी निवासी प्रवीण धनकड व सोमवीर के रूप में हुई है।
एडीसीपी ने बताया की गैंग का मास्टरमाइंड अनुज ने चेन्नई के टीआईएल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से बायोटेक इंजीनियरिंग की थी। वर्ष 2013 में उसने नौकरी शुरू की। वह हैदराबाद, गोवा और मुंबई की कई कंपनियों में नौकरी कर चुका है। यहां उसे स्टेरॉयड और प्रोटीन बनाने का काम अनुभव हो गया था। जल्दी अमीर बनने के सपने को पूरा करने के लिए उसने यह कंपनी शुरू की। इसके बाद तीन लाख रुपये हर माह कमाने लगा। करीब छह माह पूर्व अनुज ने यह कंपनी शुरू की थी।
कंपनी में तैयार हो रहा स्टेरॉयड हरियाणा भेजा जा रहा था। विभाग की टीम अभी तक बेचे गए माल का पता लगाने में जुटी है। गौतमबुद्ध नगर और आसपास के क्षेत्र में भी स्टेरॉयड को बेचने का पता लगाया जा रहा है। विभाग इसकी कीमत की भी जानकारी जुटा रहा है।

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