फिर विफल हुई नोएडा प्राधिकरण और किसानों की वार्ता, अब अलग-अलग स्तर पर किया जाएगा धरना

 
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नोएडा। एक बार फिर किसानों और प्राधिकरण की बैठक बेनतीजा रही । जिसके चलते प्राधिकरण और किसानों के बीच गतिरोध बढ़ता जा रहा है। बुधवार को किसानों के एक प्रतिनिधि मंडल ने अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी प्रवीन मिश्र के साथ प्राधिकरण के बोर्ड रूम में बैठक की। करीब दो घंटे तक चली बैठक बेनतीजा रही। इससे पहले सात बार प्राधिकरण और किसानों के बीच वार्ता विफल हो चुकी है। पेंच अब भी फंसा हुआ है। ऐसे में किसानों का प्रदर्शन लगातार जारी रहेगा। 

किसान नेता सुरेंद्र प्रधान ने बताया कि उनकी कोई भी मांग प्राधिकरण ने बोर्ड बैठक में नहीं रखी। जबकि किसान कई दिनों से लगातार धरना दे रहे है। किसान जेल भी जा चुके है। प्राधिकरण के इस रवैये से किसानों में नाराजगी भी है। वहीं, प्राधिकरण का कहना है कि किसानों की जायज  मांगों को प्रत्येक वार्ता के साथ पूरा किया गया। गतिरोध यह है कि किसान चाहते है कि 64.7 प्रतिशत की दर से सभी को मुआवजा दिया जाए। आबादी जहां है जैसी की तर्ज पर छोड़ी जाए। किसानों की आबादी से नक्शा पास कराने की नीति को हटाया जाए। ऊंचाई 25 मीटर की अनुमति दी जाए। यह सभी मांग बोर्ड में रखी जाए और यहाँ से पास कराकर शासन को भेजी जाए। इन मांगों को लेकर बुधवार को भी चर्चा की गई लेकिन वार्ता विफल रही। समिति के अध्यक्ष खलीफा सुखवीर पहलवान ने बताया कि अब अलग-अलग स्तर पर प्राधिकरण का घेराव किया जाएगा।

किसान नेता ने पुलिस के खिलाफ मानवाधिकार आयोग में की शिकायत 

नोएडा प्राधिकरण के खिलाफ किसान पिछले करीब डेढ़ महीने से प्रदर्शन कर रहे हैं। बीते 11 अक्टूबर को प्रदर्शन कर रहे 81 गांवों के हजारों किसानों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की और नोकझोंक हुई थी। इस मामले में किसान नेता ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में नोएडा पुलिस अधिकारियों के  शिकायत दी है। वहीं इस मामले में एडीसीपी रणविजय सिंह का कहना है कि किसान प्राधिकरण का गेट तोडऩे पर उतारु थे इसी लिए उन पर हल्का बल प्रयोग किया गया है। 

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