मुज़फ्फरनगर में अपर जिलाधिकारी प्रशासन रहे पीसीएस अफसर किये गए नौकरी से बर्खास्त 

 
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लखनऊ- मुज़फ़्फ़रनगर में अपर जिलाधिकारी प्रशासन रहे पीसीएस अफसर हरीश चंद्र को आज बर्खास्त कर दिया गया है। 

1997 बैच के हरीश चंद्र नॉएडा में भी सचिव समेत कई ज़िलों में तैनात रहे थे। 

उन्हें मुज़फ्फरनगर में एडीएम रहते नॉएडा में एक रिटायर्ड कर्नल से हुए विवाद के कारण निलंबित कर दिया गया था। 

दरअसल, 14 अगस्त 2018 की सुबह नॉएडा के एक सोसायटी  एडीएम हरीश चंद्र की पत्नी ने सेक्टर-29 निवासी रिटायर्ड कर्नल वीरेंद्र प्रताप सिंह चौहान  पर छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज कराया था। सेक्टर-20 पुलिस ने आनन-फानन में रिपोर्ट दर्ज करते हुए कर्नल को कोर्ट भेज दिया था। कोर्ट ले जाते समय पुलिस ने कर्नल को चोरी के आरोपी के साथ हथकड़ी लगाकर भेजा था। घटना के बाद हंगामा मचा तो  एसएसपी ने सीओ अनित कुमार का तबादला करते हुए दादरी सर्किल में तैनात कर दिया था और इंस्पेक्टर मनीष सक्सेना को लाइन हाजिर कर दिया था । मामले में चौकी इंचार्ज रवि तोमर और मुंशी को  निलंबित किया गया था। 

बाद में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एडीएम को निलंबित कर दिया था , एडीएम उस समय मुज़फ्फरनगर में अपर जिलाधिकारी प्रशासन के पद पर तैनात थे। उनके खिलाफ धारा 307 में मुकदमा भी दर्ज कराया गया था। 

एडीएम के पक्ष ने बताया था कि  हरीशचंद्र का परिवार फ्लैट नं. 644 सेक्टर 29 में रहता है वहीं नीचे फ्लैट नंबर 645 में रिटायर्ड कर्नल वीरेंद्र सिंह चौहान रहते हैं। एडीएम का आरोप था  कि कर्नल काफी समय से एडीएम की पत्नी को जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर गाली-गलौज करते थे। 14 अगस्त को सार्वजनिक पार्क में कई महिलाओं की मौजूदगी में कर्नल ने अभद्र व्यवहार किया तो मंजुला धर नामक महिला ने सौ नंबर डायल कर पुलिस बुला ली,जिसके बाद पुलिस ने कर्नल को हिरासत में ले लिया था जिसके  चार दिनों बाद वीरेंद्र सिंह चौहान ने भी 18 अगस्त को एडीएम और उनकी पत्नी सहित अन्य लोगों पर केस दर्ज कराया था। 


 

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