ज्योति मौर्या व आलोक की फैमिली कोर्ट में हुई सुनवाई, बोला आलोक- बच्चियों के भविष्य के लिए पत्नी के साथ रहना चाहता हूँ
प्रयागराज । मंगलवार को प्रयागराज की फैमिली कोर्ट में ज्योति और आलोक के बीच तलाक मामले की सुनवाई हुई। आलोक मौर्या अपनी पत्नी ज्योति मौर्या से तलाक नहीं लेना चाहते हैं। वह बेटियों के भविष्य के लिए पत्नी के साथ ही रहना चाहते हैं। आलोक ने कोर्ट में दाखिल प्रार्थना पत्र में यह विनती की […]
प्रयागराज । मंगलवार को प्रयागराज की फैमिली कोर्ट में ज्योति और आलोक के बीच तलाक मामले की सुनवाई हुई। आलोक मौर्या अपनी पत्नी ज्योति मौर्या से तलाक नहीं लेना चाहते हैं। वह बेटियों के भविष्य के लिए पत्नी के साथ ही रहना चाहते हैं। आलोक ने कोर्ट में दाखिल प्रार्थना पत्र में यह विनती की है। उन्होंने यह भी कहा कि पत्नी के साथ जो कुछ भी विवाद है, उसे खत्म करना चाहते हैं,जबकि ज्योति मौर्या अदालत नहीं पहुंची।
ज्योति के वकील की तरफ से कोर्ट में एप्लीकेशन दी गई कि छुट्टी न मिलने की वजह से उपस्थित न हो सकी। कोर्ट ने ज्योति के नहीं आने के कारण सुनवाई टाल दी। अगली तारीख 18 अगस्त तय की है।
ये भी पढ़ें कच्चे तेल की ऊंची कीमतों से कंपनियों के मुनाफे पर हो सकता है असर, इनपुट लागत भी बढ़ेगी : रिपोर्ट बरेली में तैनात एसडीएम ज्योति मौर्या के साथ मिलकर साजिश रचने के मामले में जिला कमांडेंट होमगार्ड मनीष दुबे के खिलाफ जांच पूरी हो गई है। प्रयागराज के डिप्टी कमांडेंट जनरल संतोष कुमार को जांच सौंपी गई थी। जांच अधिकारी ने अपनी जांच रिपोर्ट डीजी होमगार्ड्स को सौंप दी हैं। सूत्रों के अनुसार, मनीष दुबे जांच में दोषी पाए गए हैं और उन पर विभागीय कार्रवाई हो सकती है। यह जांच आलोक मौर्या की शिकायत पर कराई गई है।
आलोक मौर्य ने आरोप लगाया था कि उनकी पत्नी पीसीएस अधिकारी हैं। साल 2020 से जिला कमांडेंट मनीष दुबे के सम्पर्क में हैं। अब दोनों मिलकर उनकी हत्या की साजिश रच रहे हैं। आलोक ने अपने शिकायती पत्र के साथ मोबाइल फोन और व्हॉट्सऐप पर की गई चैट भी सार्वजनिक की थी।
ये भी पढ़ें मेरठ में रिश्तों का शर्मनाक अंत, 17 साल के भतीजे ने चाची को मारी गोली; मवाना थाने में किया सरेंडरगौरतलब है कि आलोक मौर्य और ज्योति मौर्या की 2010 में शादी हुई थी। 2009 में आलोक का चयन पंचायती राज विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के रूप में हुआ था। इसके बाद उन्होंने ज्योति को पढ़ाया-लिखाया। 2015 में ज्योति का चयन एसडीएम के पद पर हो गया। 2015 में जुड़वां बच्चियां हुईं। 2020 तक सब कुछ ठीक ठाक चला। इसके बाद 2020 में ज्योति का परिचय जिला कमांडेंट होमगार्ड के पद पर गाजियाबाद में तैनात मनीष दुबे से हो गया। दोनों में बातचीत होने लगी।
आलोक ने बताया कि हमें लगा कि चलो अधिकारी हैं बातचीत तो करनी ही पड़ती होगी। पर एक बार घर के मोबाइल में अपना फेसबुक लॉग इन करके ज्योति भूल गईं। दोनों के बीच अश्लील चैट हुई थी। इसे देखकर मेरा माथा ठनका। विरोध किया तो लड़ने-झगड़ने और जेल भेजने की धमकी देने लगीं। 22 दिसम्बर 2022 को आलोक ने दोनों को होटल मैरियट लखनऊ में रंगे हाथ पकड़ लिया। फिर सफाई देने लायक कुछ नहीं रहा। विरोध किया तो दोनों ने हमारे ऊपर हमला कर दिया। हम जान बचाकर भागे। एक सप्ताह पहले मुझे फोन करके कहा कि स्वेच्छा से तलाक दे दो नहीं तो जान से मार देंगे।
आलोक ने कहा कि उसके खिलाफ धूमनगंज थाने में फर्जी दहेज उत्पीड़न का केस दर्ज कराया है। 376 लगवाने की धमकी देती हैं। आलोक का कहना है कि जब उन्होंने धूमनगंज थाने में मारने की धमकी देने का केस दर्ज कराने को आवेदन किया तो एसओ ने मना कर दिया। कहा -वे अधिकारी हैं इसलिए हमने दर्ज कर लिया।
ज्योति मौर्या का कहना है कि हम 12 साल पति-पत्नी के रिश्ते में रहे हैं। हमारा उन्होंने व्हाट्सएप हैक कर लिया था। उसमें बहुत सी गोपनीय विभागीय जानकारियां भी हैं। अगर आलोक के खिलाफ कार्रवाई न हुई तो वह मेरे खिलाफ जाने क्या-क्या आरोप लगाएंगे। इसीलिए हमने आईटी एक्ट के तहत धूमनगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज करा रखी है।
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