किसानो को बरगलाना छोड़ें प्रियंका,बीज-खाद की कोई कमी नहीं: शाही

 
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लखनऊ, -कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के उत्तर प्रदेश में बीज खाद के संकट के बयान पर पलटवार करते हुये प्रदेश के कृषि सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि जिस कांग्रेस ने अपने शासनकाल में कभी अन्नदाता की सुध नहीं ली, उस पार्टी की नेता की तरफ से खाद की कृत्रिम समस्या बताकर सियासी आंसू बहाना हास्यास्पद है

शाही ने प्रियंका गांधी की तरफ से खाद को लेकर किए गए उस ट्वीट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुये गुरूवार को कहा कि बेबुनियाद आरोप लगाने से पहले प्रियंका अगर सच्चाई से रूबरू होती तो ज्यादा अच्छा होता। योगी सरकार ने समय रहते सभी जिलों में पर्याप्त मात्रा में खाद की व्यवस्था कर रखी है। किसान पर्याप्त अनुदान पर भरपूर खाद-बीज प्राप्त कर रहे हैं। जिस कांग्रेस ने अपने शासनकाल में कभी अन्नदाता की सुध नहीं ली, उस पार्टी की नेता की तरफ से खाद की कृत्रिम समस्या बताकर सियासी आंसू बहाना हास्यास्पद है।

उन्होंने कहा कि रबी सीजन 2020-21 में 30 नवम्बर तक 10.08 लाख मीट्रिक टन डीएपी खाद की बिक्री की गई थी जबकि 2021-22 में 8.64 लाख मीट्रिक टन डीएपी का वितरण 24 नवम्बर तक हो चुका है। प्रदेश के सभी उर्वरक बिक्री केंद्रों पर पर्याप्त मात्रा में खाद उपलबब्ध है और निरंतर तेजी से आपूर्ति भी की जा रही है। इसी तरह एनपीके खाद की 2020-21 में 30 नवम्बर तक 1.96 लाख मीट्रिक टन की बिक्री हुई थी। जबकि 2021-22 रबी सीजन में डेढ़ गुना अधिक वृद्धि के साथ 3.25 लाख मीट्रिक ट्रन वितरित हो चुकी है। साथ ही 1.20 लाख मीट्रिक टन बिक्री केंद्रों पर उपलब्ध है।

शाही ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा डीएपी सब्सिडी खरीफ़ में 510 रुपया प्रति बोरी से बढ़ाकर 1212 रुपये प्रति बोरी की गई थी जिसे रबी में फिर से बढ़ाकर 1662 रुपये प्रति बोरी कर दिया गया है। इससे अंतरराषष्ट्रीय बाजार में मूल्य वृद्धि के बावजूद किसानों को डीएपी खाद की बोरी 1200 रुपये में ही मिल रही है पर प्रियंका इन आंकड़ों से अनजान बनी हुई हैं।

उन्होंने कहा कि घड़ियाली आंसू बहाने की बजाय प्रियंका गांधी जमीनी जानकारी हासिल करतीं तो उनकी समझ पर यूं पर्दा नहीं पड़ा रहता। किसानों के हित में पहली बार रिकार्ड कार्य हुए हैं और किसानों को वोट बैंक समझने वाली कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों को यही बात हजम नहीं हो रही है। किसानों की कर्जमाफी से लेकर, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री फसल बीमा, आपदा से प्रभावित फसलों के लिए भरपूर मुआवजा दिया जाना इन्हें सुहा नहीं रहा है। ऐसे में बेबुनियाद आरोपों के अलावा इनके पास तथ्यात्मक रूप से बताने को कुछ है नहीं।

गौरतलब है कि प्रियंका ने गुरूवार को एक ट्वीट किया था “ भाजपा सरकार में खाद न मिलने से किसान त्रस्त हैं।

कांग्रेस की प्रतिज्ञा है कि बुवाई सीजन के 30 दिन पहले खाद पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराकर समय पर सहकारी समितियों और पीसीएफ केंद्रों में भेजेंगे। हमारी प्राथमिकता किसान को समय पर खाद देना है।”

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