बिना नंबर की ई-रिक्शाएं होगी सीज, की जाएगी कार्रवाई : एसडीएम 

 
1
देवबंद। देवबंद नगर में लगातार बढ रहे झगडालु किस्म के ई-रिक्‍शा चालक बाजारों में व्यापारियों की दुकानों के सामने घंटो-घंटो जबरन खडे रहते है और जब व्यापारियों द्वारा उन्हें अपनी दुकान के सामने ई-रिक्शा खडी करने से मना किया जाता है तो वह व्यापारियों के साथ लडते-झगडते है और उनसे निपट लेने की धमकियां तक देते है। देवबंद के लहसवाडा चौक पर भी इन दबंग रिक्शा चालकों का यही हाल है। नगर के मेन बाजार, तांगा स्टैड, लहसवाडा चौक समेत नगर के अनेक स्थानों पर ये ई-रिक्शा चालक अपनी दबंगई नगर के व्यापारियों को दिखाते रहते है। देवबंद नगर के बाजारों में सबसे ज्यादा भीड का कारण यह ई-रिक्शा चालक ही है। इन ई-रिक्शा चालकों पर लगाम लगाना बहुत जरूरी है नहीं तो यह किसी दिन नगर में बडे झगडे-फसाद का कारण बन सकते है। एसडीएम देवबंद राकेश कुमार सिंह ने दैनिक रायल बुलेटिन के वरिष्ठ पत्रकार गौरव सिंघल से कहा कि ऐसे ई-रिक्शा चालक जो बिना नंबर की रिक्शा चला रहे है उनकी ई-रिक्शा को सीज किया जाएगा और ई-रिक्शा चालकों को बुलाकर उन्हें बाजारों में व्यापारियों की दुकानों के सामने ई-रिक्शा खडी करने से मना किया जाएगा। देवबंद क्षेत्र में ई-रिक्शाओं की बाढ सी आ गई है। बाजारों में हर वक्त ई-रिक्शा ही ई-रिक्शा दिखाई देती है। नगर की सड़कों पर नाबालिग बच्चे बेरोकटोक इन्हें चलाते दिख जाएंगे। इन बच्चों को न तो इसे चलाने की समझ है और न ही काबिलियत। ई-रिक्‍शा से सफर करने वाले लोगों का जीवन रामभरोसे है। देवबंद नगर के लहसवाडा चौक  समेत बाजारों और सभी मुख्य सड़कों पर यह ई-रिक्शाएं धड़ल्ले से दौड़ रही है। देवबंद के लहसवाडा चौक, मेन बाजार, भायला रोड, एमबीडी चौक, ठेला रोड, बस स्टैंड रोड, तांगा स्टैंड, अनाज मंडी आदि स्थानों पर तो उक्त ई-रिक्शाओं के कारण पूरे दिन जाम की स्थिति बनी रहती हैं। देवबंद के सभी मुख्यमार्गो पर ई-रिक्शा का संचालन होता है। नाबालिग बच्चों के ई-रिक्शा चलाने से उसमें सफर करने वाले लोगों की जान हमेशा खतरे में बनी रहती है। देवबंद में ई-रिक्शा ज्‍यादातर नौसिखए चला रहे हैं। देवबंद पुलिस-प्रशासन इस ओर कोई ध्यान नही दे रहा है। लगता है पुलिस-प्रशासन क्षेत्र में किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रह है। 4 से 5 यात्रियों की क्षमता वाली इन ई-रिक्शाओं में जबरन 7 से 8 यात्रियों को ठूस- ठूस कर बैठाया जा रहा है। जिससे हादसे का खतरा और ज्यादा बढ जाता है। इतना ही नहीं यह ई-रिक्शाएं अब क्षेत्र मे भारी-भरकम सामान ढोने का काम भी बखूबी कर रही है। ज्यादा पैसा कमाने के चक्कर मे ये ई-रिक्शा संचालक न तो अपनी और न ही लोगो के जीवन की परवाह कर रहे है। देवबंद क्षेत्र के ई-रिक्शा संचालकों का हाल यह है कि वे रिक्शा स्टैड पर न खडा होकर नगर के व्यापारियों की दुकानो के सामने खड़े होकर सवारियों का इंतजार करते है और जब व्यापारी ई-रिक्शा वालो को अपनी दुकान के सामने से ई-रिक्शा हटाने के लिए कहते है तो ई-रिक्शा संचालक व्यापारियों से लडते झगड़ते है। 

From around the web