सहारनपुर में अनियंत्रित होकर नाले में पलटी स्कार्पियों, बाल-बाल बचे कार सवार
सहारनपुर (गंगोह)। गंगोह-लखनौती मार्ग पर नगर पालिका द्वारा नाले से निकाली गई कीचड़ पर फिसलकर एक स्कार्पियो कार नाले में जा गिरी। कार सवार लोगों को आसपास मौजूद राहगीरों ने सकुशल निकाल लिया। गंगोह-लखनौती मार्ग पर जल निकासी के लिए नगर पालिका द्वारा नाला बनाया हुआ है। नगर पालिका द्वारा इस नाले की सफाई के बाद नाले […]
सहारनपुर (गंगोह)। गंगोह-लखनौती मार्ग पर नगर पालिका द्वारा नाले से निकाली गई कीचड़ पर फिसलकर एक स्कार्पियो कार नाले में जा गिरी। कार सवार लोगों को आसपास मौजूद राहगीरों ने सकुशल निकाल लिया। गंगोह-लखनौती मार्ग पर जल निकासी के लिए नगर पालिका द्वारा नाला बनाया हुआ है।
नगर पालिका द्वारा इस नाले की सफाई के बाद नाले से निकला सारा कीचड़ सड़क पर ही डाल दिया गया। ग्रामीणों राजेंद्र, घनश्याम, अमजद, कन्हैया आदि का कहना है कि कई दिन पहले नाले की सफाई की गई थी, लेकिन बाहर निकाले गए कचरे को उठाया नहीं गया। कई दिन से हो रही बरसात के कारण कचरा सड़क पर फैल गया।
ये भी पढ़ें सहारनपुर पहुंचे यूजीसी विरोधी अनिल मिश्रा, भीम आर्मी के चैलेंज पर बोले—‘हजारों बार आऊंगा’कीचड़ के कारण लोगों का सड़क से गुजरना मुश्किल हो गया। आज लखनौती की ओर से आ रही एक स्कार्पियो कार फिसल कर पहले बिजली के खंभे से टकराई और उसके बाद नाले में पलट गई।
आसपास के ग्रामीणों ने कार सवार चार लोगों को सकुशल बाहर निकाला। ईओ कृष्ण मुरारी का कहना है कि सड़क से सारा मलबा उठवाकर सफाई करा दी गई है।
रॉयल बुलेटिन से जुड़ें:
देश-प्रदेश की ताज़ा ख़बरों को सबसे पहले पढ़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करें:
आपको यह खबर कैसी लगी? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दे। आपकी राय रॉयल बुलेटिन को और बेहतर बनाने में बहुत उपयोगी होगी।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
रॉयल बुलेटिन के संस्थापक एवं मुख्य संपादक अनिल रॉयल ने वर्ष 1985 में मात्र 17 वर्ष की आयु से मुज़फ्फरनगर की पावन भूमि से निर्भीक और जनपक्षधर पत्रकारिता का संकल्प लिया। बीते लगभग चार दशकों से वे पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सशक्त और विश्वसनीय आवाज़ के रूप में पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं।
पत्रकारिता के अपने लंबे अनुभव के आधार पर उन्होंने वर्ष 2010 में नोएडा से रॉयल बुलेटिन के प्रिंट संस्करण का सफल विस्तार किया। समय के साथ बदलते मीडिया परिदृश्य को समझते हुए, उनके नेतृत्व में यह संस्थान आज एक मजबूत और प्रभावशाली डिजिटल समाचार मंच के रूप में स्थापित हो चुका है।
वर्तमान में रॉयल बुलेटिन की पहुँच न्यूज़ पोर्टल, फेसबुक, यूट्यूब, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप सहित सभी प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर करोड़ों पाठकों तक है। प्रिंट और डिजिटल मीडिया के स्वामी एवं संपादक के रूप में अनुभव, सत्यनिष्ठा और जन-सरोकार उनकी पत्रकारिता की मूल आधारशिला रहे हैं।

टिप्पणियां