निर्वाचन के दौरान कोविड प्रोटोकाल का शत-प्रतिशत पालन अनिवार्य : अखिलेश सिंह

 
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सहारनपुर। जिला मजिस्ट्रेट अखिलेश सिंह ने कहा कि किसी भी दल या अभ्यर्थी को ऐसा कोई कार्य नहीं करना चाहिए, जो विभिन्न जातियों और धार्मिक या भाषायी समुदायों के बीच विद्यमान मतभेदों को बढाए या घृणा की भावना उत्पन्न करे या तनाव पैदा करे। उन्होने कहा कि मत प्राप्त करने के लिए जातीय या साम्प्रदायिक भावनाओं की दुहाई नहीं दी जानी चाहिए। मस्जिदों, गिरिजाघरों, मन्दिरों या पूजा के अन्य स्थानों का निर्वाचन प्रचार के मंच के रूप में प्रयोग नहीं किया जाना चाहिए। उन्होने कहा कि निर्वाचन के दौरान कोविड प्रोटोकाल का शत-प्रतिशत अनुपालन किया जाएगा।
अखिलेश सिंह ने आज सर्किट हाउस सभागार में विधानसभा सामान्य निर्वाचन 2022 के संबंध में आदर्श आचार संहिता एवं शांति व्यवस्था के संबंध में राजनैतिक दलों के साथ आयोजित बैठक में यह बात कही। उन्होने कहा निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार 15 जनवरी 2022 तक किसी भी प्रकार की रैली, जुलूस आदि पर प्रतिबन्ध लगाया गया है तथा किसी भी राजनैतिक दल या अभ्यर्थी को ध्वज दण्ड बनाने, ध्वज टांगने, सूचनाएं चिपकाने, नारे लिखने आदि के लिए किसी भी व्यक्ति को भूमि, भवन, अहाते, दीवार आदि का उसकी अनुमति के बिना उपयोग करने की अनुमति अपने अनुयायियों को नहीं देनी चाहिए। अखिलेश सिंह ने कहा कि राजनैतिक दलों द्वारा कार्यालय पर लगने वाले बैनर का आकार 4-8 फीट से अधिक नहीं होगा। किसी भी सार्वजनिक सम्पत्ति पर बैनर, झण्डे, पोस्टर लगाना प्रतिबन्धित होगा। निजी भवनों पर बैनर झण्डे या पोस्टर लगा सकते है। परन्तु भवन स्वामी से लिखित में अनुमति ली जाएगी। यह अनुमति दो प्रतियों में बनेगी। एक प्रति भवन स्वामी व दूसरी प्रति प्रत्याशी पर होगी। उम्मीदवार पोस्टर व पम्पलेट जो मुद्रण कराएगा उसके मुख्य भाग पर मुद्रक व प्रकाशक का नाम व पता अंकित होगा। उन्होने कहा कि उम्मीदवार किसी भी संख्या में वाहनों का संचालन प्रचार-प्रसार के लिए कर सकता है। किन्तु उन्हे ऐसे वाहनों के संचालन के लिए रिटर्निंग आफिसर से अनुमति लेनी होगी और वह अनुमति पम्पलेट के रूप में वाहन के शीशे पर प्रमुखता से प्रदर्शित की जाएगी। परमिट पर उम्मीदवार की वाहन संख्या और उसका नाम अंकित होगा। अभ्यर्थी द्वारा जो वाहनों के प्रचार-प्रसार की अनुमति ली जाएगी यह ऑनलाईन ली जाएगी और रिटर्निंग आफिसर द्वारा यह अनुमति ऑनलाईन दी जाएगी।
जिला मजिस्ट्रेट ने कहा कि निर्वाचन की घोषणा के बाद जनपद में धारा 144 लागू हो गयी है। विगत दो निर्वाचनों के दौरान निर्वाचन संबंधी अपराधों में संलिप्त व्यक्तियों की सूची संकलित की जाएगी। आदतन अपराधियों, घोषित भगोडों, फरार अपराधियों की सूची को अद्यतन किया जायेगा। लंबित वारंटों, चालानों की तामीली करना और लंबित वारन्टों की सूची को अद्यतन किया जाएगा। लंबित निर्वाचन अपराधों संबंधी जांच एवं अभियोजन में तेजी लाई जाएं। अवैध शराब बनाने वाली फैक्ट्रियों का पता लगाया जाएगा और उन्हे जब्त करने की कार्यवाही की जाएगी। अवैध हथियारों और गोला बारूद और स्वदेशी निर्माताओं के ठिकानों की जांच करना और उन्हे जब्त करने की कार्यवाही की जायेगी। निरन्तर छापे मारकर अपराधियों की गिरफतारी की जाएगी। हथियार लाईसेंस और गोला बारूद की दुकानों की शत-प्रतिशत जांच की जायेगी। स्वतंत्र और निष्पक्ष निर्वाचन सम्पन्न करने तथा निर्वाचनों में कानून व व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से अनिवार्य समझे गये लाईसेंसी हथियार जब्त कर लिए जाएंगे। कोई भी व्यक्ति शस्त्र लेकर जनपद में भ्रमण नहीं करेगा और न ही शस्त्रों का सार्वजनिक प्रदर्शन करेगा। सभी राजनैतिक दल एवं उम्मीदवार अन्य राजनैतिक दलों के सदस्यों या उनके नेताओं के पुतले लेकर नहीं चलेंगे और न ही सार्वजनिक स्थान पर उनका दहन व प्रदर्शन होगा। सभी राजनैतिक दल एवं उम्मीदवार रात्रि 10 बजे से सुबह 06 बजे तक लाउडस्पीकर का प्रयोग नहीं करेंगे। विधानसभा निर्वाचन में अभ्यर्थी द्वारा जमानत धनराशि सामान्य अभ्यर्थी के लिए 10 हजार रूपये तथा अनुसूचित जाति एवं जनजाति के अभ्यर्थी के लिए 05 हजार रूपये है। विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में अभ्यर्थी द्वारा व्यय किये जाने हेतु धनराशि की सीमा 40 लाख रूपये होगी।
बैठक के दौरान मुख्य विकास अधिकारी विजय कुमार, उप निर्वाचन अधिकारी /अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) अर्चना द्विवेदी, अपर जिलाधिकारी (वि0/रा0) रजनीश कुमार मिश्र, एस0पी0 सिटी राजेश कुमार, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी आलोक कुमार शर्मा तथा समस्त राजनैतिक दलों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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