सहारनपुर में करंट लगने से दुधारू भैंस की मौत, मोहल्लेवासियों में विद्युत विभाग के प्रति रोष व्याप्त
सहारनपुर। सहारनपुर जनपद के कस्बा गंगोह के मोहल्ला कुरैशियान निवासी मुकीम पुत्र मतलूब अपनी दुधारू भैंस को घर ले जा रहा था। रास्ते में सड़क पर बरसात का पानी जमा होने एवं विद्युत लाइन जर्जर होने से लोहे के खंभे में करंट दौड़ गया। जिससे मौके पर ही 85 हज़ार कीमत की दुधारू भैंस की करंट […]
सहारनपुर। सहारनपुर जनपद के कस्बा गंगोह के मोहल्ला कुरैशियान निवासी मुकीम पुत्र मतलूब अपनी दुधारू भैंस को घर ले जा रहा था। रास्ते में सड़क पर बरसात का पानी जमा होने एवं विद्युत लाइन जर्जर होने से लोहे के खंभे में करंट दौड़ गया।
जिससे मौके पर ही 85 हज़ार कीमत की दुधारू भैंस की करंट लगने से मौत हो गयी। भैंस की छोटी कटड़ी को मोहल्लेवासियो ने बमुश्किल बचाया।मोहल्लेवासियों ने विद्युत विभाग के खिलाफ नारेबाज़ी कर विरोध जताया।विद्युत विभाग को कई बार इसकी सूचना दी गई मगर मौके पर कोई भी विद्युत विभाग का अधिकारी नहीं पहुंचा।
इस दौरान सभासद दानिश क़ुरैशी, मुकीम-मुल्ला, उस्मान, सरफ़राज़, वासिद, हाजी आसिफ, हाजी इरशाद सहित दर्जनों लोग मौजूद रहे।
रॉयल बुलेटिन से जुड़ें:
देश-प्रदेश की ताज़ा ख़बरों को सबसे पहले पढ़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करें:
आपको यह खबर कैसी लगी? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दे। आपकी राय रॉयल बुलेटिन को और बेहतर बनाने में बहुत उपयोगी होगी।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
रॉयल बुलेटिन के संस्थापक एवं मुख्य संपादक अनिल रॉयल ने वर्ष 1985 में मात्र 17 वर्ष की आयु से मुज़फ्फरनगर की पावन भूमि से निर्भीक और जनपक्षधर पत्रकारिता का संकल्प लिया। बीते लगभग चार दशकों से वे पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सशक्त और विश्वसनीय आवाज़ के रूप में पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं।
पत्रकारिता के अपने लंबे अनुभव के आधार पर उन्होंने वर्ष 2010 में नोएडा से रॉयल बुलेटिन के प्रिंट संस्करण का सफल विस्तार किया। समय के साथ बदलते मीडिया परिदृश्य को समझते हुए, उनके नेतृत्व में यह संस्थान आज एक मजबूत और प्रभावशाली डिजिटल समाचार मंच के रूप में स्थापित हो चुका है।
वर्तमान में रॉयल बुलेटिन की पहुँच न्यूज़ पोर्टल, फेसबुक, यूट्यूब, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप सहित सभी प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर करोड़ों पाठकों तक है। प्रिंट और डिजिटल मीडिया के स्वामी एवं संपादक के रूप में अनुभव, सत्यनिष्ठा और जन-सरोकार उनकी पत्रकारिता की मूल आधारशिला रहे हैं।

टिप्पणियां