सहारनपुर में रेलवे ट्रैक पर मिले दो शव, परिजनों में मचा कोहराम, पुलिस मौके पर
सहारनपुर। अंबाला रोड रेलवे ट्रैक पर दो युवकों के शव पड़े मिलने से सनसनी फैल गई। घटना की सूचना मिलने पर कुतुबशेर पुलिस मौके पर पहुंच गई। पता चलने पर परिजन भी घटनास्थल पर आ गए। परिजनों ने बताया गया कि दोनों अविवाहित थे। वहीं, प्रथम जांच में सामने आया है कि दोनों सूंघने वाला […]
सहारनपुर। अंबाला रोड रेलवे ट्रैक पर दो युवकों के शव पड़े मिलने से सनसनी फैल गई। घटना की सूचना मिलने पर कुतुबशेर पुलिस मौके पर पहुंच गई। पता चलने पर परिजन भी घटनास्थल पर आ गए। परिजनों ने बताया गया कि दोनों अविवाहित थे।
वहीं, प्रथम जांच में सामने आया है कि दोनों सूंघने वाला नशा करते थे। इनके पास से सूंघने वाले नशे की ट्यूब भी बरामद हुई है। ट्रेन की चपेट में आकर दोनों की मौत हुई। परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया, लेकिन पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम कराया।
आज कुतुबशेर इलाके के एकता कॉलोनी निवासी फोंदी (21) पुत्र इरशाद व नसीर कॉलोनी निवासी समीर (22) पुत्र अरशद का शव अंबाला रोड पर दबनी वाले कब्रिस्तान के सामने आज मंगलवार की सुबह अंबाला रेलवे ट्रैक पर पड़ा मिला। दोनों के सिर और शरीर में चोटों के निशान थे।
पता लगने पर थाना कुतुबशेर प्रभारी सतीश कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। दोनों की शिनाख्त कर परिजनों को सूचना दी। मौके पर दोनों के परिवार के लोग भी आ गए।
रॉयल बुलेटिन से जुड़ें:
देश-प्रदेश की ताज़ा ख़बरों को सबसे पहले पढ़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करें:
आपको यह खबर कैसी लगी? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दे। आपकी राय रॉयल बुलेटिन को और बेहतर बनाने में बहुत उपयोगी होगी।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
रॉयल बुलेटिन के संस्थापक एवं मुख्य संपादक अनिल रॉयल ने वर्ष 1985 में मात्र 17 वर्ष की आयु से मुज़फ्फरनगर की पावन भूमि से निर्भीक और जनपक्षधर पत्रकारिता का संकल्प लिया। बीते लगभग चार दशकों से वे पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सशक्त और विश्वसनीय आवाज़ के रूप में पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं।
पत्रकारिता के अपने लंबे अनुभव के आधार पर उन्होंने वर्ष 2010 में नोएडा से रॉयल बुलेटिन के प्रिंट संस्करण का सफल विस्तार किया। समय के साथ बदलते मीडिया परिदृश्य को समझते हुए, उनके नेतृत्व में यह संस्थान आज एक मजबूत और प्रभावशाली डिजिटल समाचार मंच के रूप में स्थापित हो चुका है।
वर्तमान में रॉयल बुलेटिन की पहुँच न्यूज़ पोर्टल, फेसबुक, यूट्यूब, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप सहित सभी प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर करोड़ों पाठकों तक है। प्रिंट और डिजिटल मीडिया के स्वामी एवं संपादक के रूप में अनुभव, सत्यनिष्ठा और जन-सरोकार उनकी पत्रकारिता की मूल आधारशिला रहे हैं।

टिप्पणियां