वाराणसी के घाटों पर पोस्टर लगाने के मामले में दो गिरफ्तार

 
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वाराणसी। वाराणसी पुलिस ने बजरंग दल के दो नेताओं को गिरफ्तार किया है। उन्होंन इस संदेश के साथ पोस्टर चिपकाया था कि 'केवल हिंदुओं को गंगा नदी के घाटों पर जाना चाहिए'।
राजन गुप्ता और निखिल त्रिपाठी के रूप में पहचाने जाने वाले दोनों को बाद में 5-5 लाख रुपये के व्यक्तिगत बांड जमा करने पर रिहा कर दिया गया।
पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश ने कहा कि घाटों पर पोस्टर चिपकाते हुए फोटो में देखे गए दो व्यक्तियों को शांति भंग करने के लिए सीआरपीसी की 107/16 के तहत नोटिस जारी किया गया था।
उन्होंने कहा, "दोनों को पुलिस लाइन में एसीपी कोर्ट लाया गया, जहां उन्होंने पांच-पांच लाख रुपए के निजी मुचलके जमा किए, जिसके बाद उन्हें छोड़ दिया गया।"
प्रारंभिक जांच के दौरान, विश्व हिंदू परिषद के वरिष्ठ पदाधिकारियों को गुप्ता की स्थिति स्पष्ट करने के लिए कहा गया, जो खुद को विहिप के शहर इकाई सचिव बताते हैं और त्रिपाठी खुद को बजरंग दल के शहर संयोजक बताते हैं।
6 जनवरी को विहिप और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने घाटों पर गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने वाले कई पोस्टर चिपकाए।
पोस्टरों में यह संदेश था कि "गंगा के घाटों को पिकनिक स्पॉट के रूप में मानने वालों को मां गंगा के घाटों से दूर रहना चाहिए, क्योंकि यह सनातन संस्कृति का प्रतीक है।"
पोस्टरों में कहा गया है कि सनातन धर्म का सम्मान करने वालों का वे स्वागत करते हैं।
इन पोस्टरों का कांग्रेस नेताओं और सहज संस्कृति मंच सहित कई समूहों ने विरोध किया, जिन्होंने इसे सांप्रदायिक सद्भाव और शांति भंग करने के लिए एक कोशिश करार दिया।

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