योगी की कन्या सुमंगला योजना से 9.9 लाख लड़कियों को फायदा

 
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लखनऊ। कन्या सुमंगला योजना ने उत्तर प्रदेश में प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) के माध्यम से 9.9 लाख से अधिक लड़कियों को लाभान्वित किया है।

राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि 'मिशन शक्ति' अभियान की मदद से योजना के तहत 1.55 लाख से ज्यादा नई लड़कियों को जोड़ा गया है।

अगस्त माह में आयोजित स्वावलंबन शिविर के माध्यम से निराश्रित महिला पेंशन योजना, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना जैसी कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देने के साथ ही योजनाओं के आवेदन भी स्वीकार किए गए हैं।

इन सभी योजनाओं में नए लाभार्थियों को जोड़ा जा रहा है।

1 अप्रैल 2019 को कन्या सुमंगला योजना के लागू होने के बाद से, राज्य में लगभग 9.91 लाख लाभार्थियों को इस योजना के तहत फायदा मिला है।

समान लिंगानुपात स्थापित करने, राज्य में कन्या भ्रूण हत्या और बाल विवाह पर अंकुश लगाने और बेटियों को शिक्षा से जोड़ने के उद्देश्य से, इस योजना में एक लड़की को उसके जन्म के समय से शुरू होकर लगभग 15 वर्षों की अवधि में 15,000 रुपये का भुगतान करने की परिकल्पना की गई है। अंतिम किस्त का भुगतान तब किया जाता है जब उसे स्नातक या डिप्लोमा पाठ्यक्रम में प्रवेश मिलता है।

इस योजना के तहत चरणबद्ध तरीके से वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।

जन्म और पहले टीकाकरण पर क्रमश: 2,000 रुपये और 1,000 रुपये की राशि दी जाती है। इसके बाद कक्षा 1 और 6 में प्रवेश के समय सभी को 2,000 रुपये दिए जाते हैं।

3,000 रुपये की पांचवीं किस्त तब दी जाती है जब कोई लड़की कक्षा 9 में नामांकित होती है, जबकि 5,000 रुपये की अंतिम किस्त तब दी जाती है जब इंटरमीडिएट पास करने वाली लड़की स्नातक या डिप्लोमा पाठ्यक्रम में प्रवेश लेती है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बेसहारा महिलाओं को सुरक्षा भी प्रदान की है।

पति की मृत्यु के बाद राज्य की लगभग 29.68 लाख महिलाओं को निराश्रित महिला पेंशन योजना के तहत भुगतान किया जा चुका है। वहीं, वर्ष 2021-22 में 1.73 लाख पात्र नए लाभार्थियों को जोड़ा गया है।

प्रवक्ता ने कहा कि राज्य में मिशन शक्ति 3.0 जैसे प्रमुख अभियान इस बात का प्रमाण हैं कि मुख्यमंत्री ने महिलाओं और लड़कियों के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।

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