Saturday, March 1, 2025

मुख्यमंत्री धामी ने चार घंटे में दूसरी बार आपदा परिचालन केंद्र का किया दौरा , 33 निकाले गए सुरक्षित

देहरादून। चमोली जिले में अचानक हुए हिमस्खलन में अब तक 33 लोगों को सुरक्षित निकाला लिया गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को संकट की घड़ी में चार घंटे के भीतर आपदा परिचालन केंद्र का दूसरा दौरा किया और स्थिति का जायजा लिया। मुख्यमंत्री धामी का आपदाओं के प्रति तत्परता और संवेदनशीलता का एक और उदाहरण सामने आया है।

चमोली जिले में हुई हिमस्खलन की घटना ने प्रशासन और राहत कार्यों को चुनौती दी। भारी बारिश के कारण पहाड़ों से मलबा गिरने से कई श्रमिक दब गए थे। तुरंत ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस और एनडीआरएफ की टीमों ने राहत कार्य शुरू किए।

चमोली जिले में अचानक हुए हिमस्खलन में अब तक 33 लोगों को निकाला जा चुका है। वहां निर्माण कार्य में लगे कल 57 में मजदूर बर्फ में दब गए । अन्य लोगों को खोजबीन जारी है। जिसमें से 04 लोगों को आईटीबीपी सेना अस्पताल में रखा गया है। बी.आर.ओ स्नो कटर एवं अन्य मशीनों के माध्यम से निरंतर बर्फ हटाने का कार्य कर रही है। कल सुबह एम आई 17 हेलीकॉप्टर भी माणा क्षेत्र को रवाना होंगे।

मुख्यमंत्री ने चमोली जिले के माणा गांव के पास हुए हिमस्खलन की जानकारी लेते हुए पुनः देर रात्रि 08 बजे राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र, आईटी पार्क पहुंचे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के साथ बैठक कर समीक्षा की और रेस्क्यू अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए। वे लगातार रेस्क्यू कार्यों पर नजर बनाए हुए हैं और अधिकारियों के साथ नियमित स्थिती की समीक्षा कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार हर प्रभावित व्यक्ति की सुरक्षा और सहायता के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सभी एजेंसियां युद्ध स्तर पर राहत और बचाव कार्यों में लगी हुई हैं और जल्द ही सभी फंसे लोगों को सुरक्षित निकाल लिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि किसी भी परिस्थिति में प्रभावित व्यक्तियों को त्वरित सहायता मिलनी चाहिए और हर एक व्यक्ति की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने घटनास्थल पर राहत कार्यों में जुटे सभी कर्मचारियों की सुरक्षा और उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश भी दिया।

मुख्यमंत्री ने इस दौरान कहा, “हमारे लिए हर व्यक्ति का जीवन महत्वपूर्ण है।” उन्होंने सभी अधिकारियों और राहत कार्यों में लगे कर्मचारियों से भी यह अपील की कि वे पूरी निष्ठा और ईमानदारी से काम करें और हर प्रभावित व्यक्ति तक जल्दी से जल्दी मदद पहुंचाई जाए।

मुख्यमंत्री धामी ने यह भी कहा कि हमारी सरकार प्रभावित परिवार के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने यह भी वादा किया कि राज्य सरकार के स्तर पर किसी भी प्रकार की कमी नहीं होगी, और प्रभावितों को जल्द से जल्द राहत दी जाएगी।

आपदा के दृष्टिगत रिस्पॉन्स टाईम को कम से कम रखे जाने के दिए निर्देश:
मुख्यमंत्री ने वर्तमान में प्रदेश मे हो रही भारी वर्षा एवं ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हो रहे हिमपात के दृष्टिगत भी निरन्तर सभी जिलाधिकारियों से समन्वय बनाए रखे जाने के भी निर्देश दिए ताकि किसी भी आपदा की स्थिति का त्वरित ढ़ंग से सामना किया जा सके। किसी भी आपदा के दृष्टिगत रिस्पॉन्स टाईम को कम से कम रखे जाने के भी निर्देश मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिए हैं।

जोशीमठ में भी की जाए आपदा कंट्रोल रूम की स्थापना:
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सर्च ऑपरेशन तेजी से चलाए जाए। उन्होंने कहा कि जोशीमठ में भी आपदा कंट्रोल रूम की स्थापना की जाए। उन्होंने कहा एनडीआरएफ, एस.डी.आर.एफ ,आईटीबीपी सेना आपसी सहयोग से बर्फ हटाने का कार्य तेजी से करें। जिन श्रमिकों को निकाला गया है उनका विशेष ख्याल रखा जाए। उन्होंने माणा स्थित हेलीपैड को प्राथमिकता से खोले जाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने जोशीमठ स्थित आर्मी अस्पताल, जिला अस्पताल, एम्स ऋषिकेश तक सभी अस्पतालों में पर्याप्त व्यवस्था करने के भी निदेश दिए। उन्होंने कहा एम-आई 17 की मदद से घायलों को लिफ्ट करने की भी पूरी तैयारी की जाए।

रेस्क्यू अभियान में तेजी लाने के निर्देश:
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को घटनास्थल पर आवागमन सुनिश्चित करने को कहा और समीप के हेलीपैड को शीघ्र सक्रिय करने के निर्देश दिए, जिससे राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाई जा सके। उन्होंने ड्रोन एवं हेलीकॉप्टर की मदद से निगरानी और रेस्क्यू अभियान को और प्रभावी बनाने पर ध्यान देने को कहा।

- Advertisement -

Royal Bulletin के साथ जुड़ने के लिए अभी Like, Follow और Subscribe करें |

 

Related Articles

STAY CONNECTED

74,854FansLike
5,486FollowersFollow
143,143SubscribersSubscribe

ताज़ा समाचार

सर्वाधिक लोकप्रिय