Sunday, April 6, 2025

भारत का चार यूरोपीय देशों के समूह के साथ समझौता, 100 अरब डॉलर का आएगा निवेश

नई दिल्ली। भारत और चार देशों के यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (ईएफटीए) ने रविवार को एक आर्थिक समझौते पर हस्ताक्षर किए।

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत और ईएफटीए ने रविवार को एक आर्थिक समझौते पर हस्ताक्षर किए। लगभग 16 साल की बातचीत के बाद यह समझौता संभव हो सका है। इससे व्यापार और विदेशी निवेश बढ़ेगा।

ईएफटीए में स्विट्जरलैंड, नॉर्वे, आइसलैंड और लिकटेंस्टीन शामिल हैं।

गोयल ने कहा कि व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौते (टीईपीए) के तहत ईएफटीए देश अगले 15 साल में भारत में 100 अरब डॉलर का निवेश करेंगे। यह एक बाध्यकारी समझौता है।

स्विट्जरलैंड के आर्थिक मामलों के मंत्री गाइ पार्मेलिन ने कहा कि समझौते के परिणामस्वरूप देश में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) और नवीन प्रौद्योगिकी का प्रवाह बढ़ेगा, जिससे देश में विनिर्माण को बढ़ावा मिलेगा और अधिक रोजगार का सृजन होगा। उन्होंने कहा कि इससे ‘मेक इन इंडिया’ अभियान में और तेजी आएगी।

उन्होंने कहा, यूरोपीय देश, अपनी ओर से, भारत के विशाल बाजार और दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था द्वारा प्रदान किए जाने वाले आर्थिक अवसरों तक पहुंच प्राप्त करेंगे।

भारत ने समझौते के कार्यान्वयन के बाद ब्लॉक के सदस्य देशों से पहले 10 वर्षों के दौरान 50 अरब डॉलर की निवेश प्रतिबद्धता और अगले पांच साल में 50 अरब डॉलर की निवेश प्रतिबद्धता मांगी है। इससे देश में विनिर्माण को बढ़ावा मिलेगा और 10 लाख प्रत्यक्ष रोजगार पैदा होंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समझौते पर हस्ताक्षर का स्वागत करते हुए कहा, “कई पहलुओं में संरचनात्मक विविधताओं के बावजूद हमारी अर्थव्यवस्थाओं में पूरकताएं हैं जो सभी देशों के लिए लाभकारी होने का वादा करती हैं। विशाल व्यापार और निवेश के अवसरों के खुलने के साथ, हम विश्वास और महत्वाकांक्षा के एक नए स्तर पर पहुंच गए हैं। व्यापार समझौता निष्पक्ष, न्यायसंगत व्यापार खोलने के साथ-साथ युवाओं के लिए विकास और रोजगार पैदा करने के हमारे साझा समझौते का प्रतीक है।”

उन्होंने कहा, “भारत ईएफटीए देशों को हरसंभव समर्थन देगा और उद्योग तथा व्यवसायों को न केवल प्रतिबद्ध लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए बल्कि उनसे आगे बढ़ने में भी मदद करेगा। यह समझौता हम सभी के लिए एक अधिक समृद्ध भविष्य की ओर हमारे देशों की यात्रा में एक नए अध्याय की शुरुआत का प्रतीक बने।”

ईएफटीए की ओर से हस्ताक्षर समारोह में भाग लेने वाले चार मंत्री हैं: स्विस फेडरल काउंसलर और आर्थिक मामलों, शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग के प्रमुख गाइ पार्मेलिन; आइसलैंड के विदेश मंत्री बजरनी बेनेडिक्टसन; लिकटेंस्टीन के विदेश मामलों के मंत्री डोमिनिक हस्लर; और नॉर्वे के व्यापार एवं उद्योग मंत्री जान क्रिश्चियन वेस्ट्रे।

भारत और ईएफटीए आर्थिक संबंधों को बढ़ावा देने के लिए जनवरी 2008 से समझौते पर बातचीत कर रहे हैं।

- Advertisement -

Royal Bulletin के साथ जुड़ने के लिए अभी Like, Follow और Subscribe करें |

 

Related Articles

STAY CONNECTED

76,432FansLike
5,533FollowersFollow
149,628SubscribersSubscribe

ताज़ा समाचार

सर्वाधिक लोकप्रिय