नई दिल्ली। ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने राज्य के राज्यपाल रघुबर दास को बुधवार को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। ओडिशा में लगातार ढाई दशक तक सत्तारूढ़ रहे पटनायक को विधानसभा चुनाव में भाजपा के हाथों बड़ी हार का सामना करना पड़ा है। पटनायक पिछले 24 साल से राज्य के मुख्यमंत्री थे।
पटनायक आज सुबह राजभवन पहुंचे और राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंपा। ओडिशा की 147 सदस्यीय राज्य विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी ने 78 सीटें जीती हैं जबकि बीजू जनता दल को सिर्फ 51 सीटों से ही संतोष करना पड़ा है। भाजपा पहली बार अपने दम पर राज्य में सरकार बनाने जा रही है। वहीं राज्य की 21 लोकसभा सीटों में से 19 पर भाजपा ने जीत दर्ज की है
आपको बता दें कि मंगलवार 4 जून को लोकसभा चुनाव के साथ ओडिशा और आंध्र प्रदेश में विधानसभा चुनाव के नतीजे भी आए। दोनों राज्यों में मौजूदा सरकारों को सत्ता गंवानी पड़ी। ओडिशा में BJP को 147 में से 78, तो BJD को 51 सीटें मिलीं।
राज्य में भाजपा पहली बार पूर्ण बहुमत से अकेले सरकार बनाएगी। भाजपा ने अब तक मुख्यमंत्री की घोषणा नहीं की है। पार्टी ने PM नरेंद्र मोदी के चेहरे पर ही चुनाव लड़ा। बहुत जल्द भाजपा नई सरकार बनाने का दावा पेश कर सकती है।
ओडिशा में BJD साल 2000 से लगातार सत्ता में रही। BJD अध्यक्ष नवीन पटनायक 24 साल से मुख्यमंत्री हैं। उन्होंने 5 मार्च 2000 को पहली बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। तब से 2019 तक वे 5 बार से ओडिशा के CM हैं।
सिक्किम के पूर्व CM पवन चामलिंग (24 साल और 165 दिन) के बाद नवीन पटनायक (24 साल और 83 दिन) सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री पद पर रहने वाले देश के दूसरे नेता हैं। अगर फिर से BJD की सरकार बनती तो नवीन पटनायक सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री बनने वाले नेता होते।