नई दिल्ली। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि नेशनल कोऑपरेटिव कंज्यूमर्स फ़ेडरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (एनसीसीएफ) को वर्ष 2027-28 तक 50 हजार करोड़ रुपये का टर्नओवर प्राप्त कर आत्मनिर्भर बनना चाहिए।
शाह ने शुक्रवार को नई दिल्ली में एनसीसीएफ के निदेशक मंडल को संबोधित करते हुए कहा कि एनसीसीएफ को देश भर की प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पैक्स) और अन्य सहकारी संस्थाओं को अपना सदस्य बनाने पर जोर देना चाहिए। जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि एनसीसीएफ की अंश पूंजी में सहकारिता का अनुपात अपेक्षाकृत अधिक हो।
शाह ने कहा कि एनसीसीएफ को आत्मनिर्भर सहकारी संस्था बनने के लिए अगले 10 वर्ष का एक रोडमैप बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसे क्रियान्वित करने में सहकारिता मंत्रालय अपना पूर्ण सहयोग दे सकता है। केंद्रीय सहकारिता मंत्री ने एनसीसीएफ द्वारा अपनी सहयोगी कंपनियों के साथ इथेनॉल के उत्पादन के लिए गुजरात, बिहार और अन्य राज्यों के किसानों से मक्के की खरीदारी सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।
मंत्री ने कहा कि अगर एनसीसीएफ और नेफेड चाहे तो सहकारिता मंत्रालय के सहयोग से राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केन्द्र (एनआईसी) से डिजिटल प्लेटफार्म पर अपना एक कॉमन ऐप तैयार करवा सकते हैं और इस कॉमन ऐप के माध्यम से सामंजस्य स्थापित कर मक्के की खरीदारी की जा सकती हैं।
शाह ने एनसीसीएफ द्वारा किसानों से दलहन की खरीदारी कर निर्यात के अवसर तलाशने और इस खरीद को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर सुनिश्चित करने पर बल दिया। उन्होंने एग्रेसिव एक्सटेंशन और मार्केटिंग अपनाने, किसानों को पूर्व में आश्वासन देकर खरीद करने व कॉमन कलेक्शन सेंटर बनाए जाने पर भी ज़ोर दिया।
अमित शाह ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि एनसीसीएफ प्याज एवं दालों की खरीद के लिए पैक्स के साथ संबद्ध हो सकता है, ताकि सहकारिता के क्षेत्र में विश्व की सबसे बड़ी भंडारण योजना के तहत इसके भंडारण की व्यवस्था बनाई जा सके।