प्रयागराज। 2025 के महाकुंभ में अब तक 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने संगम में आस्था की डुबकी लगाई, लेकिन इसके बावजूद यह आयोजन गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज नहीं हो सका।
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विशेषज्ञों के मुताबिक, वर्ल्ड रिकॉर्ड में एंट्री के लिए केवल भारी संख्या ही काफी नहीं होती, बल्कि सटीक दस्तावेजी प्रमाण, गिनीज की शर्तों के अनुसार डेटा संग्रहण और सत्यापन प्रक्रिया भी आवश्यक होती है।
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सूत्रों के अनुसार, रिकॉर्ड के लिए जरूरी डिजिटल एंट्री, सटीक गणना और प्रमाणिक रिपोर्टिंग में कुछ कमियां रह गईं, जिसके कारण इसे आधिकारिक तौर पर मान्यता नहीं मिल सकी।