Monday, April 7, 2025

शामली में गांव-गांव तक पहुंचे खेल, युवाओं में बढ़ी प्रतियोगिता की ललक

शामली। मानव इस भूमण्डल का सबसे महत्त्वपूर्ण प्राणी है। मानव में अन्य प्राणियों की अपेक्षा सोचने-समझने, चिन्तन करने की शक्ति अधिक होती है किन्तु मस्तिष्क के विकास के साथ-साथ शारीरिक, मानसिक शक्ति होना भी जरूरी है। जीवन की पहली आवश्यकता स्वस्थ शरीर है। अच्छे स्वास्थ्य के लिए शारीरिक श्रम, व्यायाम, योग एवं खेलकूद आवश्यक है। खेल चाहे किसी भी तरह का हो उससे शारीरिक, मानसिक, मनोवैज्ञानिक और बौद्धिक स्वास्थ्य के साथ प्रतिस्पर्धा गहराई से जुड़ा है।

 

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खेल एक शारीरिक क्रिया है, जिसके तरीके और नाम अलग हैं। खेल मनुष्य के अन्दर प्रेरणा, साहस, उत्साह, अनुशासन, स्वस्थ स्पर्धा और एकाग्रता लाता है। व्यक्ति के व्यक्तित्व के वृद्धि तथा विकास के साथ ही खेल देश के लिए भी उपयोगी है। खेल मनुष्य में अच्छी भावना, समानता और सामूहिकता का भाव लाता है। खेल समाज के हर उम्र के पुरुषों महिलाओं को पसंद होता है, चाहे गाँव का गुल्ली डंडा हो या उच्चवर्ग का कहा जाने वाला क्रिकेट। आज गाँवों, कस्बों, नगरीय के स्कूल कालेजों सहित हर स्तर पर खेल स्पर्धाएं हो रही हैं और युवा खेल स्पर्धाओं में खुलकर भाग ले रहे हैं। भारत सरकार द्वारा खेलों के विकास के लिए हर तरह की सुविधा दी जा रही है।

 

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खेलो इंडिया नीति के तहत ही जा द्वी जा रही सुविधाओं, व्यवस्थाओं का ही परिणाम है कि आज ’टोक्यो ओलम्पिक 2020’ एवं पेरिस ओलम्पिक 2024 में विभिन्न खेलों में भारत ने पूर्व में हुए ओलम्पिक में प्राप्त मेडल्स की अपेक्षा इस बार के ओलम्पिक में सबसे अधिक मेडल्स जीतकर देश का गौरव बढ़ाया। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने खेलों को बढ़ावा देने के लिए ग्रामीण स्तर पर स्टेडियम का निर्माण कराया है। जहाँ युवक/युवतियाँ अभ्यास करते हुए अपनी प्रतिभा प्रदर्शित कर रहे हैं। प्रदेश सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश के 19 जनपदों में 16 खेलों के खिलाड़ियों के लिए 44 छात्रावासों का संचालन करते हुए भोजन, आवासीय सुविधा, शिक्षा, चिकित्सा, खेलकिट व उपकरण की निःशुल्क सुविधा उपलब्ध करा रही है। आवासीय क्रीडा छात्रावासों में खिलाड़ियों को योग्य प्रशिक्षकों द्वारा वैज्ञानिक एवं आधुनिक तरीके से प्रशिक्षण की सुविधा प्रदान की जा रही है।

 

 

 

जिससे खिलाड़ी राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग करते हुए श्रेष्ठ प्रदर्शन कर पदक प्राप्त कर प्रदेश और देश का नाम गौरवान्वित कर रहे हैं। प्रदेश के आवासीय क्रीडा छात्रावासों में रहने के लिए खिलाड़ियों का जिला, मण्डल एवं राज्य स्तरीय ट्रायल्स में चयन करके उदीयमान खिलाड़ियों को 15 दिवसीय केन्द्रीय प्रशिक्षण शिविर में खेल कराकर खेल विशेषज्ञों की समिति द्वारा चयन किया जाता है। चयनोपरान्त क्रीडा छात्रावास में प्रवेश देकर खिलाडियों को सम्बन्धित खेल में उच्चस्तरीय प्रशिक्षण दिया जाता है।

 

 

खेलों के विकास के लिए प्रदेश में 3 स्पोर्टस कालेज संचालित किये जा रहे हैं। जिनमें गुरु गोविन्द सिंह स्पोर्टस कालेज लखनऊ, वीर बहादुर सिंह स्पोर्टस कालेज गोरखपुर, सैफई स्पोर्टस कालेज सैफई, इटावा है। इन स्पोर्टस कालेजेज में क्रिकेट, हॉकी, फुटबाल, वालीवाल, एथलेटिक्स, जिम्नास्टिक, कुश्ती, तैराकी, कबड्डी, जूडो, लॉनटेनिस, बैडमिन्टन आदि खेलों में खेल विशेषज्ञ प्रशिक्षकों द्वारा खिलाड़ियों को वैज्ञानिक एवं अत्याधुनिक तरीके से प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इन स्पोर्टस कालेजेज से प्रशिक्षण प्राप्त कर कई खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश व देश का नाम गौरवान्वित किया है। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खिलाड़ियों के प्रशिक्षण मद में 4 करोड़ रूपये की बढ़ोत्तरी करते हुए 11 करोड़ रूपये कर दिया है।

 

 

 

जबकि वर्तमान सरकार के पूर्व मात्र 7 करोड़ रूपये ही थी। उसी तरह मुख्यमंत्री जी ने खिलाड़ियों के भोजन, किट, शिक्षा, चिकित्सा आदि मदों में भी बढ़ोत्तरी कर उन्हें सुविधा प्रदान कर रहे हैं। प्रदेश में खेलों का विकास गाँव स्तर से राज्य स्तर तक युवाओं एवं खिलाड़ियों का चिन्हाकन कर खेलों में प्रतिभागिता वृद्धि, खेल कौशल में उत्कृष्टता लाने एवं स्थानीय परम्परागत खेलों को बढ़ावा देने के लिए उत्तर प्रदेश खेल विकास एवं प्रोत्साहन समिति का पुनर्गठन किया गया है जो प्रदेश की समस्त तहसीलों, जनपदों, मण्डलों तथा राज्य स्तर पर लागू किया जा रहा है।

 

 

 

इस नियमावली से प्रदेश में गाँवों से लेकर राज्य स्तर तक सभी खिलाडियों की प्रतिभाओं को ध्यान में रखते हुए उनकी प्रतिभा को निखारते हुए खेल कुशल बनाया जा रहा है। खेलों इण्डिया के अन्तर्गत भारत सरकार द्वारा ’एक जिला, एक खेल’ योजना के अन्तर्गत प्रदेश के 75 जनपदों में खेलो इण्डिया सेंटर संचालित किये गये हैं। जिसमें खिलाड़ियों के प्रशिक्षण शिविर शुरू हो गये हैं। खेलो इंडिया योजना के तहत 21 परियोजनाये पूर्ण की गई हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में खेल अवस्थापना सुविधाओं का निर्माण किया जा 2 पूर्ण है। प्रदेश में 82 ग्रामीण स्टेडियम निर्माण की कार्यवाही पूर्ण की गई है। प्रदेश के मुख्यमंत्री जी ने अन्तर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में उत्तर प्रदेश के मूल निवासी पदक विजेता खिलाडियों को सीधी भर्ती के माध्यम से राजपत्रित पदों पर नियुक्ति करने का प्राविधान किया है।

 

 

 

जनपद वाराणसी में अन्तर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम की स्थापना की व्यवस्था की गई है। खेल के विकास एवं उत्कृष्ट कोटि के खिलाड़ी तैयार करने हेतु जनपद मेरठ में रू0 700 करोड़ की धनराशि से बन रहे मेजर ध्यानचन्द खेल विश्वविद्यालय का शिलान्यास मा० प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 2 जनवरी, 2022 को किया गया है। खेल अवस्थापनाओं एवं अन्य सुविधाओं हेतु 36 अवस्थापनाओं का निर्माण तथा 6 अत्याधुनिक जिम विभिन्न जनपदों में स्थापित किये गये हैं। उत्तर प्रदेश खेलो इंडिया की नीति को सार्थक कर रहा है।

 

 

 

उ.प्र. के कर्मयोगी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में पहली बार खेलो इण्डिया यूनिवर्सिटी गेम्स का आयोजन दिनांक 23 मई 2023 से 3 जून 2023 तक सम्पन्न हुआ है। यह खेल लखनऊ के अलावा वाराणसी, गोरखपुर एवं नोयडा में सफलतापूर्वक आयोजित हुआ। इस खेल प्रतियोगिता में 200 विश्व विद्यालयों के प्रतिभागियों ने 21 खेल प्रतिस्पर्धाओं में भाग लिया। जिनमें 4000 खिलाड़ी, 1200 सर्पाटिंग स्टाफ, 900 तकनीकी आफीशियल, 1300 वॉलन्टियर कुल लगभग 7500 लोग शामिल हुए। प्रदेश में पहली बार खेलो इण्डिया-युनिवर्सिटी गेम्स का सफल आयोजन कराकर उ०प्र० देश में अब्बल रहा।

 

 

 

भारत सरकार के खेल मंत्री ने भी उ०प्र० के मुख्यमंत्री जी द्वारा की गई अच्छी और सुव्यवस्थित व्यवस्था की भूरि-भूरि प्रशंसा की। देश के विभिन्न प्रान्तों से विश्वविद्यालयों के आये खिलाड़ियों ने प्रदेश सरकार द्वारा की गई अच्छी व्यवस्था एवं सुविधा की खुले मन से प्रशंसा की है। विभिन्न प्रदेशों के खिलाडियों ने उ०प्र० की सांस्कृतिक परम्परा, खान-पान, आवागमन की सुविधा, सुव्यवस्थित आयोजित खेल स्पर्धाओं सहित प्रदेश सरकार के कानून व्यवस्था की प्रशंसा की है।

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