प्रयागराज। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि महाकुंभ की तैयारी के दौरान वक्फ बोर्ड ने दावा किया था कि कुंभ की भूमि उनकी है, यह माफिया बोर्ड बन गया था। लेकिन प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने इसकी मनमानी पर लगाम लगा दी। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारें प्रयागराज की पहचान मिटाने में लगी थीं लेकिन महाकुंभ के भव्य आयोजन के बाद अब प्रयागराज की अपनी वैश्विक पहचान बना चुकी है।
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श्रृंगवेरपुर में भगवान निषाद राज गुहा के जन्मोत्सव कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने कहा कि निषाद राज पार्क भगवान राम व निषाद राज की मित्रता का भव्य स्मारक है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रयागराज में 579 करोड़ रुपये की 181 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया। उन्होंने श्रृंगवेरपुर को आध्यात्मिक और पर्यटन केंद्र बनाने की घोषणा करते हुए कहा कि महर्षि श्रृंगी और माता शांता के मंदिर का जीर्णोद्धार, संस्कृत विद्यालय और विद्युत शोधगृह भी बनाया जाएगा।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि महाकुंभ 2025 की सफलता प्रयागराज की नई पहचान का आधार बनी है। महाकुंभ में 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालु आए। अब प्रयागराज की अपनी वैश्विक पहचान बना चुकी है। प्रयागराज का अर्थ है महामिलन स्थल। यहां गंगा-यमुना-सरस्वती का मिलन है, तो भगवान राम और निषाद राज का मिलन भी है।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि महाकुंभ की तैयारियों के दौरान वक्फ बोर्ड ने दावा किया था कि कुंभ की भूमि उसकी है, यह माफिया बोर्ड बन गया था। लेकिन पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने इसकी मनमानी पर लगाम लगाई। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारें प्रयागराज की पहचान मिटाने और माफियाओं को बढ़ावा देने में लगी थीं। हमने जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाकर माफियाओं को विदा किया। श्रृंगवेरपुर और प्रयागराज की पौराणिक भूमि पर कब्जे की कोशिशें नाकाम की गईं।
इस मौके पर कैबिनेट मंत्री डॉं. संजय कुमार निषाद, नरेंद्र कुमार कश्यप, राकेश निषाद, पीयूष रंजन निषाद, दीपक पटेल, विधायक गुरू प्रसाद, विधायक पूजा पाल, सिद्धार्थनाथ सिंह, डॉ. केपी श्रीवास्तव, एमएलसी सुरेन्द्र चौधरी, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. वीके सिंह आदि उपस्थित थे।