Saturday, April 5, 2025

सांप्रदायिक दंगे में आगजनी और डकैती के मामले में तीन आरोपी कोर्ट ने किये बरी

मुजफ्फरनगर। कोर्ट ने साल 2013 के सांप्रदायिक दंगे में लूटपाट और आगजनी के मामले में नामजद तीन आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया। इस मामले में वादी मुकदमा सहित सभी पांच गवाह पक्षद्रोही हो गए थे।

 

सितंबर 2013 में जनपद में सांप्रदायिक दगा भड़क उठा था। आठ सितंबर 2013 को शामली जिले के गांव लिसाढ़ में हंगामा करते हुए कुछ लोगों ने एक घर पर हमला बोल दिया था। इसके बाद पीड़ितों ने गांव से पलायन कर कैराना राहत शिविर में शरण ली थी।

 

इस मामले में लिसाढ़ निवासी जिशान ने 19 सितंबर 2013 को कैराना थाना में तहरीर दी थी, जिसके बाद 22 सितंबर को थाना फुगाना में मुकदमा दर्ज किया गया था। जिशान ने बताया था कि आठ सितंबर की रात को वह अपने परिवार के साथ घर पर मौजूद था। आरोप था कि रात में सांप्रदायिक नारे लगाते हुए आक्रोशित भीड़ में शामिल अंकित पुत्र दरियाव कश्यप, नीटल उर्फ प्रमोद पुत्र सोमपाल और संदीप पुत्र जीवन ने उसके घर पर हमला बोलकर लूटपाट की थी। इसके बाद उसके घर में आग लगा दी गई, जिससे लाखों रुपये का नुकसान हुआ था।

 

दहशत के चलते वह अपने परिवार के साथ घर छोड़कर चला गया था। कैराना राहत शिविर में शरण ली थी। एसआईटी के इंस्पेक्टर अखिलेश सिंह ने मामले की विवेचना कर आरोपियों के विरुद्ध कोर्ट में चार्जशीट जमा कर दी थी। मुकदमे की सुनवाई पोक्सो एक्ट कोर्ट-2 में हुई। कोर्ट ने दोनों पक्ष की सुनवाई करने के बाद तीनों आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।

- Advertisement -

Royal Bulletin के साथ जुड़ने के लिए अभी Like, Follow और Subscribe करें |

 

Related Articles

STAY CONNECTED

75,563FansLike
5,519FollowersFollow
148,141SubscribersSubscribe

ताज़ा समाचार

सर्वाधिक लोकप्रिय