नई दिल्ली। वक्फ संशोधन बिल के मुद्दे पर विपक्ष के विरोध पर भाजपा सांसद और संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के अध्यक्ष जगदंबिका पाल ने गुरुवार को समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर जोरदार निशाना साधा। दरअसल, लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल पारित हो गया है। बिल को 288 के मुकाबले 232 मतों से सदन की मंजूरी मिल गई।
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जगदंबिका पाल ने कहा कि ये लोग मुस्लिम समाज को अपना वोट बैंक समझते हैं और तुष्टिकरण की राजनीति कर इन्हें बांटना चाहते हैं।
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जगदंबिका पाल ने बताया कि विपक्ष तीन तलाक और सीएए-एनआरसी के वक्त भी आंदोलन करने की चेतावनी दे रहा था। लेकिन, उस वक्त परिणाम सुखद रहा था। वक्फ संशोधन बिल लोकसभा में पारित हो गया है और आज राज्यसभा में पेश किया जाएगा। इसका परिणाम भी सुखद होगा। एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी द्वारा लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल की प्रति फाड़ने पर भाजपा सांसद जगदंबिका पाल ने कहा कि लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकार द्वारा पेश किए गए बिल की प्रति को फाड़ना इस देश के लोगों का अपमान है।
ओवैसी ने जो काम सदन में किया है, इसके लिए देश उन्हें माफ नहीं करेगा। किसी को भी लोगों के जनादेश की अवहेलना करने का अधिकार नहीं है। बता दें कि देश में पहला वक्फ अधिनियम 1954 में बनाया गया था और इसी के साथ ही वक्फ बोर्ड का गठन किया गया। वक्फ में साल 1955 में पहली बार संशोधन किया गया था। 1995 में नया वक्फ कानून बनाया गया। इसमें राज्यों को वक्फ बोर्ड गठन करने की शक्ति दी गई। साल 2013 में वक्फ में संशोधन किया गया, जिसमें सेक्शन 40 जोड़ दिया गया था।
वक्फ में सेक्शन 40 जोड़े जाने पर जगदंबिका पाल ने कहा कि कांग्रेस की सरकार में जब वक्फ में साल 2013 में संशोधन किया गया, तो इसमें सेक्शन 40 के तहत उन्हें अधिक शक्तियां दी गईं। उदाहरण के तौर पर, अगर वक्फ किसी जमीन पर अपना अधिकार बताएगा, तो वह जमीन वक्फ की हो जाएगी। इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट में अपील भी नहीं कर सकते थे। जेपीसी अध्यक्ष ने लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल पास करने को ऐतिहासिक बताया।