नई दिल्ली। राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने गुरुवार को राज्यसभा में अपनी सख्त नाराजगी व्यक्त की। खड़गे बुधवार को लोकसभा में भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर द्वारा किए गए वक्तव्य से नाराज थे। खड़गे ने कहा कि अनुराग ठाकुर ने उनके ऊपर झूठे और बेबुनियाद आरोप लगाए हैं। खड़गे ने कहा, “अनुराग ठाकुर को अपना आरोप सिद्ध करना चाहिए।
यदि वे आरोप सिद्ध नहीं कर सकते, तो वे लोकसभा से इस्तीफा दे दें और यदि वे आरोप सिद्ध कर दें, तो मैं इस्तीफा दे दूँगा।” इसके साथ ही खड़गे का कहना था कि वे भारतीय जनता पार्टी के इस व्यवहार से डरेंगे या झुकेंगे नहीं। गौरतलब है कि बुधवार को लोकसभा में वक्फ विधेयक पर बोलते हुए अनुराग ठाकुर ने इसमें गड़बड़ी की बात कही थी और मल्लिकार्जुन खड़गे का भी नाम लिया था। इस बार गुरुवार को खड़गे ने राज्यसभा में कहा, “मेरे ऊपर कभी किसी ने ऐसे आरोप नहीं लगाए, मेरा जीवन सदैव साफ-सुथरा रहा है।
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मुझ पर विधानसभा में भी कभी यदि किसी ने आरोप लगाए, तो सभी लोगों ने एकजुट होकर मेरा साथ दिया। मैं ऐसी चीजों से डरने वाला नहीं हूँ, मेरे जीवन पर किसी ने आज तक उंगली नहीं उठाई। उन्होंने कहा कि यदि भारतीय जनता पार्टी के लोग मुझे डराकर झुकाना चाहते हैं, तो न मैं डरूंगा और न ही झुकूंगा। मैंने एक इंच भी जमीन किसी की नहीं ली।” उन्होंने कहा कि अनुराग ठाकुर ने जिस प्रकार के आरोप मुझ पर लगाए हैं, मैं उनकी निंदा करता हूं। उन्हें माफी मांगनी चाहिए। खड़गे ने कहा, “मेरा जीवन हमेशा एक खुली किताब की तरह रहा है।
यह संघर्षों और लड़ाइयों से भरा रहा है, लेकिन मैंने राजनीति में लगभग 60 वर्षों के बाद भी हमेशा सार्वजनिक जीवन में सर्वोच्च मूल्यों को बनाए रखा है। कल अनुराग ठाकुर द्वारा लोकसभा में पूरी तरह से झूठे और निराधार आरोप लगाए गए। जब मेरे सहयोगियों ने उन्हें चुनौती दी, तो उन्हें अपनी अपमानजनक टिप्पणी वापस लेने के लिए मजबूर होना पड़ा। लेकिन नुकसान हो चुका है। सभी मीडिया ने इसे चलाया है। सोशल मीडिया भी इसे फैला रहा है। मेरी छवि और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचाने वाले उनके बयानों को सोशल और अन्य मीडिया ने पहले ही उठा लिया था।
खड़गे ने कहा कि राज्यसभा में विपक्ष के नेता और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष के रूप में मैं आज खड़े होकर अनुराग ठाकुर के बेबुनियाद आरोपों की निंदा करने के लिए मजबूर हूं। मैं सदन के नेता से माफी की उम्मीद करता हूं। उन्होंने कहा कि अगर ठाकुर अपने आरोप साबित नहीं कर सकते हैं, तो उन्हें संसद में रहने का कोई अधिकार नहीं है। उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए। अगर वे साबित कर देते हैं कि एक इंच जमीन पर मेरा या मेरे बच्चों का कब्जा है, तो मैं इस्तीफा दे दूंगा। उन्होंने कहा, “मैं ऐसी चीजों से डरने वाला नहीं हूँ। मैं मजदूर का बेटा हूँ। मैं मजदूरों का नेता था।
फिर मैं जिला कांग्रेस अध्यक्ष बना और अब कांग्रेस का अध्यक्ष हूं।” वहीं सभापति ने कहा कि न केवल नेता प्रतिपक्ष, बल्कि प्रधानमंत्री जैसे पद पर आसीन व्यक्तियों के खिलाफ भी टिप्पणियां की गईं। ऐसे स्तर पर नहीं जाना चाहिए कि खुद के घर में आग लगे तभी बोलें। सभापति ने कहा, “याद रखिए कि जयराम रमेश ने राज्यसभा के चेयरमैन को चीयरलीडर कहा था।” उन्होंने कहा कि मेरे दर्द को समझिए कि जब पहले चेयरमैन की मिमिक्री की जा रही थी और कांग्रेस का एक वरिष्ठ नेता इसका वीडियो बना रहे थे। उन्होंने सदन में राणा सांगा को लेकर कही गई आपत्तिजनक बातों का जिक्र भी किया।