Saturday, July 13, 2024

नोएडा के परिषदीय विद्यालयों को बनाया जायेगा मॉडल विद्यालय, डीएम ने दिए निर्देश

नोएडा। शिक्षा विभाग की योजनाओं को कारगर करने के लिए गठित बेसिक शिक्षा विभाग की जिला शिक्षा अनुश्रवण समिति की मासिक समीक्षा बैठक डीएम मनीष कुमार वर्मा की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में हुई। बैठक में डीएम ने शिक्षा विभाग, जिला पंचायत राज अधिकारी तथा प्राधिकरण के अधिकारियों से कहा कि स्कूलों के खुलने से पहले ही जिले के सभी प्राथमिक विद्यालयों में साफ-सफाई एवं मूलभूत सुविधाओं का ध्यान रखा जाए।

 

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बैठक के दौरान बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल पंवार ने पावर प्रजेंटेशन के माध्यम से शिक्षा विभाग के वर्तमान तक के कार्यों की प्रगति से डीएम को अवगत कराया। डीएम ने शिक्षा विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन विद्यालयों में कायाकल्प का कार्य चल रहा है, निरंतर उनके मॉनिटरिंग करें। उन्होंने कहा कि टास्क फोर्स समिति के सभी अधिकारियों के द्वारा प्रतिदिन विद्यालयों में पहुंचकर निरीक्षण करें एवं शिक्षा विभाग के द्वारा कंट्रोल रूम की स्थापना करते हुए प्रतिदिन अधिकारियों को फोन करके निरीक्षण की जानकारी ली जाए। साथ ही शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनपद के समस्त परिषदीय विद्यालयों को मॉडल विद्यालय के रूप में विकसित किया जाए। विद्यालयों में सीएसआर के माध्यम से स्मार्ट क्लास, साइंस लैब तथा वॉल पेंटिंग आदि का कार्य कराया जाए।

डीएम ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि शत् प्रतिशत छात्राओं का आधार वेरीफाई कराए जाने का कार्य पूर्ण कर लिया जाए। परिषदीय विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों को डीबीटी के माध्यम से प्रेषित की जाने वाली धनराशि समय से उपलब्ध करा दी जाए, ताकि समय से उनके द्वारा यूनिफॉर्म, जूता व मोजा खरीदा जा सके। उन्होंने कहा कि जनपद की शिक्षा प्रणाली में गुणवत्ता लाने एवं शिक्षा से संबंधित योजनाओं का पात्र छात्र-छात्राओं तक पहुंचाने की कार्रवाई की जाए, जिससे जनपद का शिक्षा प्रदेश की रैंकिंग में अग्रणी स्थान बना सके।

 

डीएम ने परिषदीय विद्यालयों में अध्यनरत दिव्यांग छात्रों को दिव्यांगता प्रमाण-पत्र जारी करने के लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से कहा कि सभी ब्लॉकों में टीम का गठन करते हुए कैंप लगाकर दिव्यांग छात्र-छात्राओं का दिव्यांगता प्रमाण पत्र जारी की जाए। बैठक के दौरान जिला प्रोबेशन अधिकारी ने कन्या सुमंगला योजना के संबंध में शिक्षा विभाग के अधिकारियों को विस्तार से जानकारी उपलब्ध कराई और कहा कि जनपद के समस्त परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाली छात्रों का कन्या सुमंगला योजना में अधिक से अधिक आवेदन कराया जाए। जिससे लक्ष्य के अनुरूप पात्र कन्याओं को कन्या सुमंगला योजना से लाभान्वित किया जा सके।

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