लखनऊ। उत्तर प्रदेश में स्नातक छात्र के नाम पर फर्जी फर्म बनाकर करीब 125 करोड़ रुपये का कारोबार करने का मामला सामने आया है। जीएसटी विभाग के अधिकारी जब टैक्स वसूलने पहुंचे, तभी छात्र को अपने साथ हुए फर्जीवाड़े का पता चला।
छात्र ने स्थानीय पुलिस और अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद पीड़ित ने न्यायालय का रुख किया।
न्यायालय ने फर्जीवाड़ा करने वाले राज्य जीएसटी अधिकारी रायबरेली, केंद्रीय माल एवं सेवाकर अधिकारी रायबरेली, पांडेय इंटरप्राइजेज रविदासनगर, जीएसटी सत्यापितकर्ता अधिकारी गोपाल पांडेय और नोएडा की दो अज्ञात कंपनियों के खिलाफ ऊंचाहार पुलिस को एफआईआर दर्ज करने और मामले की विवेचना करने का आदेश दिया है।
ऊंचाहार कोतवाली प्रभारी अजय कुमार राय ने बताया कि कोर्ट के आदेश के अनुसार एफआईआर दर्ज कराई जाएगी और मामले में कार्रवाई की जाएगी।
