KGMU में छिड़ा 'धर्मयुद्ध': अपर्णा यादव के खिलाफ लामबंद हुए डॉक्टर; FIR न होने पर OPD ठप करने की चेतावनी
लखनऊ। राजधानी के सबसे प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थान किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में पिछले कुछ घंटों से भारी तनाव का माहौल है। भाजपा नेता अपर्णा यादव और संस्थान के डॉक्टरों के बीच विवाद अब इस कदर बढ़ गया है कि डॉक्टरों ने प्रशासन को दो टूक चेतावनी दे दी है। डॉक्टरों का कहना है कि यदि अपर्णा यादव के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज नहीं की गई, तो पूरे संस्थान की ओपीडी (OPD) सेवाएं बंद कर दी जाएंगी।
सीएम दरबार में पहुंचीं कुलपति मामले को बिगड़ता देख केजीएमयू की कुलपति (VC) ने सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की।
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कुलपति का पक्ष: उन्होंने मुख्यमंत्री को संस्थान के भीतर पैदा हुए गतिरोध और डॉक्टरों के गुस्से से अवगत कराया।
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मुख्यमंत्री का निर्देश: सीएम योगी ने स्पष्ट किया है कि चिकित्सा संस्थानों की गरिमा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। इसी के मद्देनजर मामले की निष्पक्ष जांच के आदेश दिए गए हैं।
[Image: KGMU प्रशासनिक भवन के बाहर प्रदर्शन करते डॉक्टर]
अब STF के पास कमान सरकार ने इस संवेदनशील मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच स्पेशल टास्क फोर्स (STF) को सौंप दी है।
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जांच का दायरा: एसटीएफ न केवल विवाद के मूल कारण की जांच करेगी, बल्कि संस्थान के भीतर चल रही अंदरूनी राजनीति और किसी भी तरह के भ्रष्टाचार के आरोपों की भी पड़ताल करेगी।
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डॉक्टरों का रुख: इधर, डॉक्टरों ने साफ कर दिया है कि वे केवल जांच के आश्वासन से शांत नहीं होंगे; उन्हें सख्त कानूनी कार्रवाई चाहिए।
मरीजों पर मंडराया संकट यदि डॉक्टरों ने अपनी चेतावनी के अनुसार ओपीडी बंद की, तो प्रदेश भर से आने वाले हजारों मरीजों के लिए स्वास्थ्य संकट खड़ा हो सकता है। फिलहाल, संस्थान में भारी पुलिस बल तैनात है और प्रशासन डॉक्टरों को समझाने के प्रयास में जुटा है।
