मोरना। मोरना चीनी मिल से जुड़े 29 गांव की गन्ना सप्लाई खतौली व खाईखेड़ी मिल को शिफ्ट करने को लेकर किसानों मे रोष भड़क गया। सैकड़ों की संख्या में किसान इकट्ठा होकर भाकियू के नेतृत्व मे प्रधान प्रबंधक कार्यालय पर पहुंचे और मिल प्रबंधन पर सांठगाँठ करने के आरोप लगाते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। किसानों व भाकियू कार्यकर्ताओं ने निर्णय को वापस लेने की मांग करते हुए देर शाम धरना शुरू कर दिया।
मोरना स्थित दी गंगा किसान सहकारी चीनी मिल में गुरुवार को हंगामा खड़ा हो गया, भाकियू के नेतृत्व में प्रधान प्रबंधक कार्यालय पर धरना दे रहे जिला उपाध्यक्ष पुष्पेन्द्र उर्फ़ बिट्टू राठी ने बताया कि खतौली व खाईखेड़ा मिलों से सेटिंग कर मोरना मिल का गन्ना शिफ्ट किया जा रहा है। इस समय किसान खेती के कार्यों मे बहुत व्यस्त है। वह इतनी जल्दी में गन्ने की कटाई नहीं कर सकेगा और सेंटर पर अव्यवस्था के कारण किसानों में आपसी मतभेद हो जाने की भी आशंका है। अगर मिल ने हठधर्मिता दिखाई, तो किसान जिलाधिकारी के कार्यालय पर गन्ना डाल देंगे।
ब्लॉक अध्यक्ष अनुज राठी ने बताया कि किसानों से बिना पूछे यह निर्णय लिया गया है, जिसे स्वीकार नहीं किया जायेगा। अगर गन्ने को शिफ्ट ही करना था, तो जनवरी माह मे क्यूँ नहीं किया गया। प्राइवेट मिलो के सेंटर पर घटतौली होगी तथा प्रति क्विंटल भाड़ा भी देना पड़ सकता है। मोरना चीनी मिल क्षेत्र के गन्ने को खरीदे और फिर किसी भी मिल को किसी भी भाव बेंच ले। मांग पूरी होने तक भाकियू धरना जारी रखेगी।
प्रधान प्रबंधक अजय रॉय ने बताया कि गर्मी के कारण गन्ने की रिकवरी लगातार घटने लगी है, जो 10.80 से घटकर 10.40 प्रतिशत रह गयी है। मिल व किसानों के हित में ही गन्ने को शिफ्ट करने का निर्णय लिया जा रहा है। यह अस्थाई व्यवस्था है। किसान भाई परेशान न हों। इस दौरान अजय कादीपुर, प्रधान दिनेश राठी, धर्मेन्द्र, हरेंद्र, रजत डायरेक्टर, अरुण, मोंटी राठी, अरविन्द, अक्षय, धीरेन्द्र आदि मौजूद रहे।