नयी दिल्ली – सरकार ने अरहर दाल की दिनों दिन बढती कीमतों को काबू में करने के लिए सुरक्षित भंडार यानी बफर स्टॉक से बाजार के लिए अरहर दाल जारी करने का निर्णय लिया है।
उपभोक्ता कार्य, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने मंगलवार को एक वक्तव्य जारी कर कहा कि अरहर दाल का आयातित स्टॉक देश में आने तक इसे सुरक्षित भंडार से मूल्यांकित और लक्षित तरीके से जारी करने का निर्णय लिया गया है। विभाग ने राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन महासंघ (नेफेड) और राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता महासंघ (एनसीसीएफ) को उपभोक्ताओं के लिए अरहर की मिलिंग हेतु उपलब्ध स्टॉक बढ़ाने के उद्देश्य से पात्र मिल मालिकों के बीच ऑनलाइन नीलामी के माध्यम से अरहर का वितरण करने का निर्देश दिया है।
उपभोक्ताओं को किफायती दामों पर अरहर दाल की उपलब्धता की स्थिति के मूल्यांकन के आधार पर नीलामी की जाने वाली दाल की मात्रा का निर्धारण किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि सरकार ने गत 2 जून को जमाखोरी और गैर-कानूनी सट्टेबाजी रोकने तथा उपभोक्ताओं के हितों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 को लागू करके अरहर और उड़द की भंडारण सीमा लागू की थी। इस आदेश में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए आगामी 31 अक्टूबर तक अरहर और उड़द की स्टॉक सीमा निर्धारित की गई है।
थोक विक्रेताओं के लिए हर प्रकार की दालों के लिए व्यक्तिगत रूप से दालों की भंडारण सीमा 200 टन, खुदरा विक्रेताओं के लिए 5 टन, बड़ी श्रृंखला वाले खुदरा विक्रेताओं के लिए प्रत्येक खुदरा दुकान पर 5 टन और डिपो पर 200 टन तथा मिल मालिकों के लिए उत्पादन के अंतिम 3 महीने या वार्षिक स्थापित क्षमता का 25 प्रतिशत जो भी अधिक हो, वह भंडारण सीमा लागू की गई है। आदेश में इन संस्थाओं के लिए विभाग के पोर्टल पर स्टॉक स्थिति की घोषणा करना भी अनिवार्य कर दिया गया है।
भंडारण सीमा आदेश को लागू करने और पोर्टल पर स्टॉक का खुलासा करने की स्थिति की उपभोक्ता मामले विभाग और राज्य सरकारों द्वारा लगातार निगरानी की जा रही है। इस संबंध में, सेंट्रल वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन और राज्य वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन के गोदामों में विभिन्न संस्थाओं द्वारा रखे गए स्टॉक, बाजार के दिग्गजों द्वारा बैंकों के पास गिरवी रखे गए स्टॉक आदि के आंकड़ों और स्टॉक की पोर्टल पर घोषित मात्रा के संबंध में जांच की गई है।
राज्य सरकारें भी अपने स्तर पर राज्यों में दाल की कीमतों पर लगातार नजर रख रही हैं और भंडारण सीमा आदेश का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई करने के लिए भंडार करने वाली संस्थाओं की भंडारण स्थिति का निरंतर सत्यापन भी कर रही हैं।