चंडीगढ़। हरियाणा में अब जुआ खेलने और खिलाने पर सात साल तक कैद और पांच लाख रुपये तक जुर्माना होगा। इसी तरह क्रिकेट मैच या अन्य किसी मैच या चुनाव के दौरान सट्टेबाजी करने वालों को भी सजा मिलेगी। इस संबंध में बुधवार को विधानसभा में हरियाणा सार्वजनिक जुआ रोकथाम विधेयक पारित कर दिया गया। प्रदेश में वर्ष 1867 में बनाए गए अंग्रेजों के कानून की जगह अब नया कानून लागू होगा।
मुख्यमंत्री नायब सैनी ने हरियाणा सार्वजनिक जुआ रोकथाम विधेयक सदन पटल पर रखते हुए कहा कि सट्टेबाजी में लाखों लोग बर्बाद हो रहे हैं। चुनाव में भी सट्टा बाजार सक्रिय रहा, जहां कांग्रेस की जीत के दावे किए गए। कई लोग इसका राजनीतिक लाभ भी उठाते हैं। वहां भारत और पाकिस्तान का मैच चल रहा होता है और लोग यहां बर्बाद हो रहे होते हैं। अब ऐसा नहीं होने देंगे। मैच फिक्सिंग, चुनाव या खेलों में सट्टेबाजी अथवा स्पाट फिक्सिंग करने वाले लोगों तथा सिंडिकेट से सख्ती से निपटेंगे। उन्होंने कहा कि नए नियम के अनुसार पहली बार पकड़े जाने पर एक साल और बार-बार वही अपराध करने पर सात साल तक की सजा का प्रावधान किया गया है। पुराने कानून को निरस्त करने की सिफारिश भारत के विधि आयोग की ओर से पहले ही की जा चुकी है। नए कानून में सब-इंस्पेक्टर रैंक से ऊपर के पुलिस अधिकारियों को ही जांच का अधिकार होगा। पुलिस अधिकारी किसी भी व्यक्ति को वारंट के बिना गिरफ्तार कर मौके से नकदी व अन्य सामग्री भी जब्त कर सकेंगे।
विधानसभा में कांग्रेस विधायक आदित्य सुरजेवाला ने विधेयक पर अपनी बात रखते हुए कहा कि बिल में कई खामियां हैं। उन्होंने तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के बिल का अध्ययन किया है। हरियाणा में नया कानून लागू करने से पहले बिल को सेलेक्ट कमेटी के पास भेजा जाए। इस कानून में कई आपत्तिजनक प्रावधान हैं, जिनके कारण अन्य माफिया समूहों का हरियाणा में प्रवेश आसान हो जाएगा। हालांकि सत्ता पक्ष ने उनकी बात नहीं मानी और विधेयक को पारित कर दिया गया।