मेरठ। किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं होने से गुस्साई भारतीय किसान यूनियन ने आज शुक्रवार को मेरठ कलेक्ट्रेट का घेराव किया। कृषि सिंचाई विद्युत रोस्टर में कटौती एवं शिफ्ट में बदलने से नाराज किसानों ने कहा है कि उनकी समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया गया तो किसान अनिश्चितकालीन धरना शुरू करेंगे। भाकियू जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी ने बताया कि तीन घंटे विद्युत कटौती और सुबह शाम की शिफ्ट स्वीकार नहीं करेंगे।
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भारतीय किसान यूनियन कार्यकर्ता और किसान अनुराग चौधरी के नेतृत्व में कमिश्नरी से पैदल मार्च करते हुए जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और वहां पर धरना प्रदर्शन किया। कलक्ट्रेट पर धरनारत किसानों का कहना था कि कृषि ट्यूबवेल विद्युत आपूर्ति दो घंटे बढ़ाए जाने की मांग पिछले समय से करते आ रहे हैं। उसके विरुद्ध तीन घंटे आपूर्ति घटा दी गई है और उसे भी दो शिफ्ट पांच घंटे सुबह ओर दो घंटे शाम कर दिया है। जिससे किसानों का भारी नुकसान हो रहा है इससे सिंचाई पूरी नहीं हो पा रही है।
किसान नेता ने कहा कि किसान की फसल सूखने पर आमादा है और उत्पादन नष्ट हो जाएगा। दूसरी और किसान पंजाब सरकार की किसानों के प्रति की गई दमनकारी कार्यवाही से बेहद नाराज हैं। इसको लेकर भी संयुक्त किसान मोर्चा के निर्देशानुसार राष्ट्रपति के नाम का ज्ञापन डीएम को सौंपा। जिसमें गिरफ्तार किसानों की जल्द बिना शर्त रिहाई, उनके ट्रैक्टरों की वापसी आदि की मांग की और मुक्त व्यापार नीति को लेकर भारत सरकार की अमरीका सहित अन्य देशों से चल रही वार्ता का विरोध जताया।
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किसान नेता ने कहा कि मुक्त व्यापार नीति राष्ट्र के छोटे व्यवसाय को नष्ट करने वाली नीति है इसे तत्काल बंद की जाए। जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी ने बताया कि हम संगठन कार्यकर्ता ओर सैकड़ों किसान मेरठ कॉलेज के शताब्दी द्वार पर एकत्रित होकर पैदल मार्च करते हुए मेरठ कलेक्ट्रेट पहुंचे जहां पर जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव किया गया। उन्होंने कहा कि 12 निर्बाध कृषि ट्यूबवेल विद्युत की मांग करेंगे और राष्ट्रपति को मुक्त व्यापार नीति के विरोध का ज्ञापन दिया गया है। विद्युत संबंधी समाधान अगले एक सप्ताह में न होने की स्थिति में आगामी अनिश्चितकालीन आंदोलन किया जाएगा